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महामारी के दौरान दबाव से जूझ रहे हैं कर्मचारी, करना पड़ रहा है अधिक काम: रिपोर्ट

Wed, 07 Oct 2020 04:33 PM IST
‌डिंपल अलवधी पीटीआई, नई दिल्ली
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कर्मचारी - फोटो : pixabay
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भारत में कर्मचारियों को काम और निजी जीवन के बीच अलगाव की कमी के साथ-साथ कोविड-19 के चलते सुस्ती को लेकर काम से संबंधित अधिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को एक रिपोर्ट में यह कहा गया है। माइक्रोसॉफ्ट के नवीनतम वर्क ट्रेंड इंडेक्स के अनुसार, भारत में 29 फीसदी कर्मचारी काम के अधिक दबाव का सामना कर रहे हैं। यह एशिया में दूसरा सर्वाधिक आंकड़ा है। 

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आठ देशों के लोगों ने लिया सर्वे में भाग
माइक्रोसॉफ्ट ने इस रिपोर्ट को तैयार करने के लिए एक सर्वेक्षण किया, जिसमें छह हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया। ये लोग आठ देशों के थे। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सर्वाधिक 41 फीसदी से अधिक कर्मचारियों ने माना कि काम और निजी जीवन में फर्क नहीं रह जाने के कारण वे अधिक दबाव से जूझ रहे हैं। 

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के कंट्री हेड (आधुनिक कार्य) समिक रॉय ने कहा कि, 'पिछले छह महीनों में हमने देखा है कि कैसे कोविड-19 ने हर जगह रिमोट युग का निर्माण किया है। इसने एक भौतिक स्थान के बजाय एक आभासी दुनिया में रहने वाले व्यक्ति तक एक नए कार्यस्थल के विकास को प्रेरित किया है। जैसे-जैसे व्यवसाय काम करने के नए तरीके को अपना रहे हैं, यह जान लेना महत्वपूर्ण है कि कर्मचारियों के ऊपर नई कार्य परिस्थितियों को विभिन्न आयामों के किस प्रकार के प्रभाव पड़ रहे हैं। 
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कर्मचारियों को करना पड़ रहा है अधिक काम
रिपोर्ट के अनुसार, भारत के 29 फीसदी कर्मचारियों ने माना कि नए माहौल में उन्हें अधिक काम करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें अब पहले की तुलना में एक घंटे अधिक काम करना पड़ रहा है। हालांकि जर्मनी के कर्मचारियों ने माना कि नई परिस्थितियों में पहले की तुलना में बेहद कम बदलाव आए हैं। अध्ययन के आंकड़ों के अनुसार, विश्व स्तर पर कर्मचारी पहले की तुलना में अधिक बैठकों में भाग ले रहे हैं, अधिक ऑर्डर पर काम कर रहे हैं, अधिक एड हॉक कॉल ले रहे हैं और अधिक चैट में हिस्सा ले रहे हैं।

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