भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती करने के एलान के साथ ही रियल एस्टेट बाजार के साथ ही अन्य अर्थशास्त्रियों ने भी खुशी जताई है। इन लोगों का मानना है कि इससे होम लोन लेना सस्ता होगा, जिससे मकानों की बिक्री बढ़ेगी। वहीं दूसरी तरफ महंगाई को काबू रखा जा सकेगा, जिसके चलते आरबीआई अगले चार महीनों में रेपो रेट में और कटौती कर सकता है।
होमक्राफ्ट के सीईओ प्रसून चौहान ने कहा कि रेपो रेट में कटौती से सबसे बड़ा असर अफोर्डेबल और मध्यम वर्गीय घर खरीदारों पर पड़ेगा। बैंक अगर अपनी ब्याज दरों में कटौती करेंगे तो इसका फायदा आने वाले हफ्तों में देखने को मिल सकता है।
एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि लगातार दूसरी बार आरबीआई ने रेपो रेट में कटौती की है। देश के सात बड़े शहरों में पिछले तीन माह में मकानों की बिक्री 12 फीसदी बढ़ गई है। अब पिछले चार माह में 50 बेसिस प्वाइंट की कुल कटौती से रियल एस्टेट सेक्टर को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है।