रिलायंस इंडस्ट्रीज की इकाई जियो देश का सबसे बड़ा आईपीओ ला सकती है। अगले साल (अप्रैल-सितंबर) कंपनी शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो सकती है। बशर्ते इसे सभी मंजूरी मिल जाए। इस दौरान जियो पांच फीसदी हिस्सा बेचेगी। इससे 6 अरब डॉलर यानी 52,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है।
रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 48वीं वार्षिक साधारण सभा में कहा, जियो प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ लाने के लिए जरूरी तैयारियां कर रही है। विश्लेषकों ने जियो का एंटरप्राइज मूल्यांकन 136-154 अरब डॉलर आंका है। अप्रैल में जेफरीज ने जियो के लिए एंटरप्राइज वैल्यूएशन बढ़ाकर 136 अरब डॉलर किया था।
10.71 लाख करोड़ का राजस्व
- 2024-25 में रिलायंस ने 10,71,174 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड समेकित राजस्व दर्ज किया। वार्षिक राजस्व में 125 अरब डॉलर को पार करने वाली देश की पहली कंपनी बन गई। शुद्ध लाभ बढ़कर 81,309 करोड़ रुपये।
- 2024-25 में निर्यात 2,83,719 करोड़ रहा। भारत के कुल व्यापारिक निर्यात में 7.6 फीसदी का योगदान।
- तीन साल में 5.6 लाख करोड़ का निवेश। कर्मियों की संख्या 6.8 लाख से बढ़ाकर 10 लाख की जाएगी।
- प्रति शेयर 5.50 रुपये लाभांश।
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जियो के ग्राहक अब 50 करोड़ 22 करोड़ जियो ट्रू 5जी के यूजर
मुकेश अंबानी ने कहा, जियो के ग्राहकों की संख्या 50 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है। वहीं, रिलायंस जियो के चेयरमैन आकाश अंबानी ने बताया, 22 करोड़ से ज्यादा यूजर्स जियो ट्रू 5जी नेटवर्क से जुड़े हैं। जल्द ही जियो अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन भी शुरू करेगी। अनंत अंबानी ने जामनगर में धीरूभाई अंबानी गीगा एनर्जी कॉम्प्लेक्स की घोषणा की, जो दुनिया की सबसे बड़ी फैक्टरी होगी। टेस्ला की गीगा फैक्टरी से इसका आकार चार गुणा होगा। यह कॉम्प्लेक्स 44 लाख वर्ग फीट में होगा। इसमें 34 लाख क्यूबिक कंक्रीट लग चुका है, सात लाख टन स्टील लगा है, जिससे करीब 100 एफिल टॉवर बनाए जा सकते हैं। ईशा अंबानी ने कहा, रिलायंस रिटेल अगले तीन साल तक 20 फीसदी वार्षिक वृद्धि दर के साथ आगे बढ़ेगी।
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एआई के लिए बनेगी नई कंपनी
मुकेश अंबानी ने बताया, दूरसंचार इकाई जियो अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को वृद्धि का नया इंजन बनाने के साथ ही खुदरा से लेकर दूरसंचार तक सभी कारोबारों में उसका इस्तेमाल करने जा रही है। एआई को बढ़ावा देने के लिए रिलायंस इंटेलिजेंस की स्थापना की घोषणा भी की। रिलायंस का मकसद एआई को तकनीकी क्षमता को आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है।
सोशल मीडिया दिग्गज मेटा के साथ 855 करोड़ रुपये का शुरुआती निवेश
व्यावसायिक संगठनों के लिए एआई प्रौद्योगिकी समाधान बनाने और उसे बढ़ाने के लिए करीब 855 करोड़ रुपये के शुरुआती निवेश से सोशल मीडिया दिग्गज
मेटा के साथ साझा उद्यम की घोषणा की गई। मेटा के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इसे बड़ी पहल बताया।
गूगल के साथ भी हाथ मिलाए
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) ने एआई तैयार डाटा केंद्रों की स्थापना के लिए एआई के लिए गूगल के साथ साझेदारी की भी घोषणा की है। ये साझेदारी गूगल से कंप्यूटिंग शक्ति का उपयोग करेगी, जबकि ऊर्जा सहायता आरआईएल से आएगी और कनेक्टिविटी रिलायंस जियो देगी। गूगल के भारतवंशी मुखिया (गूगल और अल्फाबेट के सीईओ) सुंदर पिचाई ने भी इस पर खुशी जाहिर की है।