रिलायंस इंडस्ट्रीज का चालू वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही अप्रैल-जून में समेकित शुद्ध लाभ 12,273 करोड़ रुपये रहा। इसमें पिछले साल की तुलना में सात फीसदी गिरावट आई है। वित्त वर्ष 2020-21 की इसी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ 13,233 करोड़ रुपये था।
कंपनी द्वारा जारी बयान के मुताबिक पहली तिमाही में जहां कंपनी के तेल से रसायन (O2C या ऑयल टू केमिकल) कारोबार में तेजी आई है। वहीं, रिलायंस के खुदरा व्यापार को कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर ने प्रभावित किया है, जिसका असर अब दिखा है।
परिचालन से कंपनी का राजस्व 91,238 करोड़ रुपये से बढ़कर एक लाख 44 हजार 372 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी की परिचालन आय समीक्षाधीन तिमाही में बढ़कर 1,44,372 करोड़ रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 91,238 करोड़ रुपये थी।
कर व खर्च बढ़ने से घटा मुनाफा
कर व अन्य खर्च 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ने के कारण कंपनी को तेल से केमिकल व दूरसंचार से लेकर रिटेल कारोबार से हुए लाभों को असर फीका पड़ गया। कंपनी का खर्च बढ़कर 1.31 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसमें 3,464 करोड़ रुपये का कर व्यय शामिल है।
तिमाही नतीजे के मुख्य बिंदु
- रिलायंस की समेकित कर पूर्व आय 27,550 करोड़ रुपये रही। यह पिछले साल के मुकाबले 27.6% और तिमाही के मुकाबले 3.6% बढ़ी।
- O2C और डिजिटल सेवाओं के मजबूत प्रदर्शन के कारण, कंपनी के परिचालन और वित्तीय प्रदर्शन पर दूसरी लहर का न्यूनतम असर पड़ा।
- तिमाही प्रति शेयर आय 46.7% बढ़कर 19.0 रुपये प्रति शेयर रही।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विसेस की तिमाही की कर पूर्व आय 9,268 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची।
- रिलायंस ने अपने कर्मचारियों और उनके परिवारों को नि:शुल्क 10 लाख से अधिक टीके लगवाए हैं।
- दुनिया में कोविड की स्थिति में सुधार के बाद तेल की मांग बढ़ी है। इसकी झलक रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऑइल टू केमिकल बिजनेस में देखी जा सकती है।
- रिलायंस जियो ने सबसे तेजी से ग्राहक जोड़े हैं। पिछले 12 महीनों में 4 करोड़ तेईस लाख नए ग्राहक जुड़े।
- जियों के अब कुल ग्राहकों की संख्या 44 करोड़ छह लाख हो गई है
- जियो प्लेटफॉर्म्स का कर पूर्व लाभ 8,892 करोड़ रुपये रहा। यह पिछले साल से 21.3% ज़्यादा है।
- जियो का शुद्ध लाभ 3,651 करोड़ रुपये रहा, यह पिछले साल के मुकाबले 44.9% अधिक है।
- जियो फाइबर अब 30 घरों तक पहुंच चुका है। इस काम में लगातार तेजी आ रही है।
- कंपनी का आधा कर पूर्व लाभ परंपरागत तेल शोधन, पेट्रोकेमिकल्स कारोबार से हुआ। ग्राहक आधारित अन्य कारोबार का योगदान 44 फीसदी रहा।