रिलायंस इंडस्ट्रीज ने खुदरा, डिजिटल सेवाओं, मीडिया और मनोरंजन कारोबार के रूप में चार उच्च-शक्ति वाले विकास के इंजन तैयार किए हैं। कंपनी ने इन इंजनों का इस्तेमाल कर समूह के विस्तार के अगले चरण को गति देने के लिए नई ऊर्जा का निर्माण किया है। समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने यह बात कही।
कंपनी की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट में शेयरधारकों को दिए अपने संदेश में मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस खुद को एक नए युग के डीप-टेक उद्यम के रूप में ढाल रहा है। मुकेश अंबानी ने बताया कि एक कंपनी, जो परंपरागत रूप से तेल और पेट्रोकेमिकल्स को ही विकास का वाहक मानती थी, ने पिछले कुछ वर्षों में खुदरा क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। यह काम ऑनलाइन और भौतिक स्टोर दोनों रूपों में किया गया है। दूरसंचार और डिजिटल सेवाएं, समाचार और मनोरंजन चैनलों के साथ कंपनी ने अपने मीडिया साम्राज्य का भी विस्तार कियार है। स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में प्रवेश के लिए गीगा कारखानों की नींव रखी गई है।
उन्होंने कहा, "हम सिर्फ कारोबार का विस्तार नहीं कर रहे हैं- हम ऐसे प्लेटफॉर्म बना रहे हैं जो लोगों को सशक्त बनाएं, असमानता कम करें, स्थिरता को बढ़ावा दें और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति को ऊंचा उठाएं।" उन्होंने कहा, "चाहे वह भारतीयों के खरीदारी करने, डेटा का उपभोग करने, सामग्री देखने या अपने घरों और व्यवसायों को शक्ति प्रदान करने के तरीके को बदलना हो- रिलायंस उद्देश्य और दृढ़ विश्वास के साथ भविष्य को आकार दे रहा है।"
एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति अंबानी ने कहा कि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवधान, वैश्विक बदलाव और तकनीकी सफलताओं के कारण इसका स्वरूप बदल रहा है। उन्होंने कहा, "रिलायंस में हम इसे चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखते हैं। हम अपने भविष्य की पुनर्कल्पना कर रहे हैं और अपने व्यवसायों को नए युग के डीप-टेक उद्यम के रूप में ढाल रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों को हर व्यावसायिक क्षेत्र के साथ जोड़ा जा रहा है। इनका ऊर्जा से लेकर मनोरंजन तक, खुदरा से लेकर डिजिटल सेवाओं तक में इस्तेमाल हो रहा है। समूह में 1,000 से अधिक आंतरिक वैज्ञानिक हैं जो एआई, नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत सामग्री और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "भारत की वैश्विक विनिर्माण महाशक्ति बनने की आकांक्षा को समर्थन देने के लिए हमारे विनिर्माण बुनियादी ढांचे को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है।"
रिलायंस के कारोबार के बारे में बताते हुए अंबानी ने कहा कि खुदरा कारोबार 3.3 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया और कंपनी ने 19,340 स्टोरों तक अपनी उपस्थिति बढ़ा ली है। वहीं, जियो 488 मिलियन उपयोगकर्ताओं के साथ दुनिया का सबसे बड़ा डेटा नेटवर्क बन गया। 5जी पर 191 मिलियन यूजर शामिल हैं।