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Rakshabandhan: राखी पर 17 हजार करोड़ के व्यापार का अनुमान, बहनों के प्यार से गुलजार होगा बाजार

Thu, 07 Aug 2025 03:34 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Rakshabandhan 2025: भाई-बहन के पवित्र त्योहार राखी की रौनक बाजारों में देखने को मिल रही है। इस बार बाजार में ऑपरेशन सिंदूर से लेकर मोदी राखी के साथ-साथ 'थीम बेस्ड' राखियां धूम मचा रही हैं। राखी के त्यौहार की खरीदी को लेकर भारी भीड़ दिखाई दे रही है जिससे चारों तरफ उत्साह और ऊर्जा का माहौल है। 
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बाजार में 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम के राखी की डिमांड - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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रक्षाबंधन का पर्व अब काफी नजदीक है और ये त्योहार इस साल 9 अगस्त को मनाया जाएगा। वहीं  व्यापारिक संगठन कैट का अनुमान है कि इस वर्ष रक्षाबंधन पर पूरे देश में 17 हजार करोड़ रुपये का व्यापार हो सकता है। राखी के त्यौहार में केवल दो ही दिन रह गए हैं, लेकिन अभी से बाजार में इसको लेकर चहल पहल देखी जा रही है। राखी के त्यौहार की खरीदी को लेकर भारी भीड़ दिखाई दे रही है जिससे चारों तरफ उत्साह और ऊर्जा का माहौल है। 
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यह भी पढ़ें - Raksha Bandhan 2025: जानें इस रक्षाबंधन के लिए शुभ मुहूर्त और राशि अनुसार उपाय

बाजार में नहीं दिख रही चीनी राखियां
अनुमान के मुताबिक इस वर्ष देश भर में राखी त्यौहार पर लगभग 17 हजार करोड़ रुपए के व्यापार की उम्मीद है जबकि मिठाई, फल एवं गिफ्ट आदि के रूप में लगभग 4 हजार करोड़ रुपए का भी व्यापार होने की संभावना है। चीन की बनी हुई कोई भी राखी बाजार से पूरी तरह नदारद हैं। 
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राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत राखियों से भरे बाजार
चांदनी चौक से सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का उत्सव नहीं रहेगा, बल्कि यह राष्ट्रप्रेम और आत्मनिर्भर भारत की भावना से भी ओत-प्रोत होगा। इस बार राखियों में विशेष रूप से फौजियों को समर्पित राखियों की तरफ से एक भावनात्मक संदेश भी सभी शहरों में फौजियों को राखी बांधकर फैलाया जा रहा है। 

ऑपरेशन सिंदूर लिखीं आकर्षक राखियों की बाजार में मांग
इस बार राखी के त्यौहार पर इनोवेशन वाली राखियों की धूम है जिसमें अन्य राखियों के अलावा 'वोकल फॉर लोकल' से 'डिजिटल राखी' तक तथा ऑपरेशन सिंदूर से लेकर मोदी राखी, आत्मनिर्भर भारत राखी, जय हिंद राखी, भारत माता की जय, विकसित भारत, वंदे मातरम राखी जैसी अनेक प्रकार की आकर्षक राखियों की बाजार में बड़ी मांग है। 
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'थीम बेस्ड' और इको-फ्रेंडली राखियां की भी डिमांड
वहीं दूसरी तरफ इस साल बाजारों में पारंपरिक राखियों के साथ नवाचार से भरी 'थीम बेस्ड' राखियां धूम मचा रही हैं जिनमें इको-फ्रेंडली राखियां: मिट्टी, बीज, खादी, बांस व कपास से बनी राखी और कस्टमाइज राखियां: भाई-बहन की फोटो और नाम के साथ राखियों की धूम है।
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