भारत की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) और यूके की बीपी की जियो-बीपी ब्रांड के तहत पेट्रोल पम्पों की स्थापना से सरकार के स्वामित्व वाली तेल विपणन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी पर असर पड़ेगा। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है। रिलायंस और बीपी ने पिछले हफ्ते ही अपनी खुदरा ईंधन भागीदारी का ब्योरा दिया था, जिसमें ब्रिटेन की कंपनी की 49 फीसदी हिस्सेदारी होगी।
नई दिल्ली। आरआईएल ने सऊदी अरामको के साथ 15 अरब डॉलर की सौदे पर सरकार की दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर याचिका पर तगड़ा जवाब दिया है। आरआएल ने कहा कि यह सौदा अभी तक पूरा नहीं हुआ है, इसलिए अंतिम देनदारी अभी तय नहीं की जा सकती है।
जवाबी शपथ पत्र में आरआईएल ने कहा, यह कहना गलत है कि मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने कंपनी और उसके साझेदारों के लिए सरकार को 3.5 अरब डॉलर के भुगतान का आदेश पारित कर दिया है। आरआईएल ने कहा, ‘मध्यस्थता फैसले में न तो बकाये का उल्लेख किया गया है, न ही याचिका में इसका खुलासा किया गया है।’ सरकार ने कहा कि तेल और गैस उत्पादन से हुए मुनाफे में उसकी हिस्सेदारी के संशोधित आंकड़ों के आधार पर इसकी गणना की गई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाजार पूंजीकरण में 10,744.95 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई , जिसके बाद ये 10,13,892.21 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से रिलायंस इंडस्ट्रीज शीर्ष पर है। 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के बाजार पूंजीकरण वाली रिलायंस भारत की पहली कंपनी बन गई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के बाद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज का बाजार पूंजीकरण सबसे अधिक है। साल 2018 अगस्त में भी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने रिकॉर्ड बनाया था जब कंपनी का बाजार पूंजीकरण पहली बार आठ लाख करोड़ के पार गया था। मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा पूंजी बनाई है। इस दौरान कंपनी का पूंजीकरण 5.6 लाख करोड़ रुपये बढ़ा है।