रिलायंस इंडस्ट्रीज की 43वीं एजीएम अब खत्म हो चुकी है। कोरोना की वजह से रिलायंस कंपनी को एजीएम वर्चुअल माध्यम से करनी पड़ी। कंपनी ने अपनी एजीएम के तहत कई बड़े एलान किए। कंपनी के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने अपने शेयरधारकों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्वागत किया और उनको संबोधित किया।
मुकेश अंबानी ने एजीएम के दौरान शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि देश में सबसे ज्यादा वस्तु एंव सेवा कर (जीएसटी) और वैट देने वाली कंपनी है। कंपनी की ओर से भुगतान किए गए जीएसटी और वैट की रकम 69,372 करोड़ रुपये है। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछली बार आठ हजार करोड़ रुपये का इनकम टैक्स जमा किया था।
अंबानी ने कहा कि कंपनी में तकनीक और वित्तीय क्षेत्र के जाने-माने निवेशकों ने निवेश किया है। इनमें सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल अटलांटिक, केकेआर और टीपीजी शामिल हैं। आरआईएल ने मौजूदा ईंधन खुदरा व्यापार में बीपी के साथ अपनी जेवी पूरी की है। बीपी ने जेवी में 49 फीसदी हिस्सेदारी के लिए 7,629 करोड़ रुपये निवेश किए हैं।
रिलायंस अब एक शून्य कर्ज वाली कंपनी बन गई है। मुकेश अंबानी ने कहा कि मार्च 2021 के लक्ष्य से काफी पहले ही हो गया है। कंपनी एक मजबूत बैलेंस शीट रखती है, जो जियो, रिटेल और ओटूसी के लिए ग्रोथ की योजनाओं को सपोर्ट करेगी।
अंबानी ने कहा कि RIL ने राइट्स इश्यू और जियो प्लेटफॉर्म्स से आए निवेश और बीपी द्वारा किए गए निवेश के जरिए कुल 2,12,809 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो वित्त वर्ष 2019-20 के आखिर के कुल कर्ज 1,61,035 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इसके अलावा मुकेश अंबानी ने हर साल की तरह इस साल भी एक नए प्रोडक्ट को लॉन्च किया, इसका नाम जियो ग्लास है।