6. माय जियो एप अब बनेगा आपका पर्सनल एआई असिस्टेंट
एआई को रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ने के लिए कंपनी अपने मौजूदा माय जियो एप एप को पूरी तरह से बदल रही है। अब यह सिर्फ एक ऐप नहीं रहेगा, बल्कि आपका एक 'पर्सनल एआई एजेंट', सलाहकार और रिलेशनशिप मैनेजर बन जाएगा।
7. घरों के लिए जियो टेली फ्रेम और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए जेएएमएस
रिलायंस ने घरों के लिए एक नया एआई-संचालित सिस्टम 'जियो टेलीफ्रेम' पेश किया है। वहीं, मीडिया सेक्टर और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए 'जियोस्टार जेनएआई मीडिया स्टूडियो' (जेएएमएस) लॉन्च किया गया है, जो एआई टूल्स की मदद से प्रोडक्शन को आसान बनाएगा। इसके साथ ही जियो हॉटस्टार पर पहली बार मनोरंजन और ई-कॉमर्स को एक साथ जोड़ते हुए 'कंटेंट कॉमर्स' की शुरुआत की जाएगी।
8. मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल सेक्टर में भारी विस्तार
रिलायंस रिटेल और कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (आरसीपीएल) के तहत कंपनी बड़े पैमाने पर मैन्युफैक्चरिंग हब तैयार कर रही है। मुकेश अंबानी ने बताया कि कंपनी ताजे फल, सब्जियों, बेवरेज से लेकर गारमेंट (कपड़े) और सस्ते इलेक्ट्रॉनिक्स (जैसे स्मार्ट टीवी, वियरेबल्स) के लिए एक एडवांस मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम बना रही है, जो ग्राहकों को बेहतरीन क्वालिटी और सबसे किफायती दाम की गारंटी देगा।
9. न्यू एनर्जी बिजनेस से पैदा होंगी दो लाख नई नौकरियां
ग्रीन एनर्जी सेक्टर में रिलायंस का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। अनंत अंबानी ने बताया कि रिलायंस का न्यू एनर्जी बिजनेस जामनगर गीगा कॉम्प्लेक्स और कच्छ सोलर फार्म के जरिए दो लाख से ज्यादा 'ग्रीन जॉब्स' (हरित नौकरियां) पैदा करेगा। गुजरात के कच्छ में 5.5 लाख एकड़ में फैला नया रिन्यूएबल एनर्जी हब भारत की कुल बिजली मांग का लगभग तीन प्रतिशत हिस्सा पूरा करेगा। वित्तीय वर्ष 2027 (FY27) से यह बिजनेस कंपनी के मुनाफे में बड़ा योगदान देना शुरू कर देगा।
10. शिक्षा, स्वास्थ्य और भारत में ओलंपिक का सपना
रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने सामाजिक क्षेत्र में कंपनी के विजन को साझा किया। महाराष्ट्र सरकार ने रिलायंस को 410 एकड़ के विशाल कैंपस वाली एक नई 'स्टेट प्राइवेट यूनिवर्सिटी' खोलने की मंजूरी दे दी है, जिसमें एआई और भविष्य की तकनीकों पर फोकस करने वाले सात अलग-अलग स्कूल होंगे। इसके अलावा, मुंबई में 1,500 बेड की क्षमता वाले एक बड़े 'मेडिकल सिटी' (सेवन हिल्स अस्पताल का आधुनिकीकरण) का निर्माण किया जाएगा, जिसमें 450 से अधिक बेड आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (ईडब्ल्यूएस) के लिए आरक्षित होंगे। उन्होंने भारत में ओलंपिक खेलों की मेजबानी का सपना भी दोहराया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की एजीएम 2026 स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि कंपनी अब सिर्फ टेलीकॉम या रिटेल तक सीमित नहीं है, बल्कि वह भारत के एआई, ग्रीन एनर्जी और स्पेस (अंतरिक्ष) इन्फ्रास्ट्रक्चर को लीड करने की तैयारी कर चुकी है। जियो के आईपीओ का ऐलान शेयर बाजार के लिए एक बड़ा ट्रिगर साबित होगा। स्वदेशी एआई का विकास और 2 लाख नई नौकरियों का वादा इस बात का पुख्ता संकेत है कि रिलायंस भारत की डिजिटल और आर्थिक ग्रोथ स्टोरी का एक सबसे मजबूत इंजन बनने की दिशा में काम कर रही है।