रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी
- फोटो : एएनआई (फाइल)
रिलायंस की 49वीं वार्षिक आम बैठक के दौरान और क्या पता लगा?
- विश्लेषकों के अनुमान के मुताबिक जियो का आईपीओ अब तक का सबसे बड़ा होने के आसार हैं।
- इसका मूल्यांकन 130-180 अरब अमेरिकी डॉलर होने की संभावना है।
- जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (जेपीएल) का 66.43% पेड-अप शेयर कैपिटल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के पास।
- शेष 33.57 प्रतिशत हिस्सेदारी में मेटा और गूगल के पास 17.71 फीसदी।
- 10 रुपये के अंकित मूल्य पर 27 करोड़ इक्विटी शेयर जारी होंगे।
- आईपीओ प्रक्रिया का नेतृत्व उनके बच्चे आकाश, ईशा और अनंत कर रहे हैं।
- कंपनी का लक्ष्य 2030 तक सभी ग्राहकों को 5जी नेटवर्क से जोड़ना है।
- कंपनी छोटे और मध्यम आकार के कारोबारों को डिजिटाइज करने के प्रयास जारी रखेगी।
- प्रीमियम 5जी सेवाओं, एआई-सक्षम पेशकशों और उद्यम समाधानों से उच्च राजस्व की उम्मीद।
जियो प्लेटफॉर्म्स और कौन सी नई पहल करने वाला है?
एजीएम के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने भी घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स एक संप्रभु लो अर्थ ऑर्बिट उपग्रह समूह विकसित करने पर विचार कर रहा है। कंपनी भारत में अपना खुद का ग्राउंड स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाएगी। यह पहल देश की तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत करेगी। यह भारत की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी के मुताबिक जियो अपनी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेवा जियोएयरफाइबर के माध्यम से हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड पहुंच का विस्तार करना भी चाहता है। 90 फीसदी से अधिक इंस्टॉलेशन 24 घंटे के भीतर पूरे हो जाते हैं।