होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन या किसी भी तरह का कर्ज लेने की योजना है तो अभी कुछ समय के लिए टाल दें। ऐसा इसलिए, क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि रेपो दर में कटौती का लाभ मिलने में समय लग सकता है। इसका असर सितंबर से दिखेगा। बैंक इस समय दो तरह से कर्ज देते हैं। एक होता है ईबीएलआर जो बाहरी बेंचमार्क से जुड़ा होता है। दूसरा होता है एमसीएलआर, जो लंबी अवधि की दरों से जुड़ा होता है। फरवरी और अप्रैल में 0.50 फीसदी की रेपो दर में जो कटौती हुई थी, उसका फायदा अब दोनों तरह के ग्राहकों को मिलने लगा है।
आप अभी कर्ज लेने वाले हैं तो...
आरबीआई के फैसले के बाद कुछ बैंकों ने तुरंत कर्ज पर ब्याज दरें घटा दी है। ज्यादातर बैंक इसका फैसला लेने के लिए अपनी एसेट-लायबिलिटी समिति की बैठक करेंगे। इसमें दोनों पक्षों पर पूरी तरह से सोच विचार कर दरों में कटौती का फैसला किया जाएगा। यह फैसला इस महीने के अंत में होगा। ऐसे में इसका वास्तविक असर जुलाई या अगस्त से दिखना शुरू होगा। अभी लोन लेने वाले हैं तो बेहतर होगा कि जुलाई के बाद लें। तब तक सभी बैंकों की ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस जैसे अन्य मामलों पर बैंकों के साथ मोल भाव करने का समय मिल जाएगा।
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लोन की अवधि घटाने पर ज्यादा फायदा
20 वर्ष वाले होम लोन की ब्याज दर फरवरी के 8.5% से घटकर जून में 7.5% होती है तो ब्याज की बचत
| लोन | मासिक किस्त में बचत | ब्याज में बचत |
|---|---|---|
| 30 लाख | 1,867 रुपये | 4.48 लाख रुपये |
| 50 लाख | 3,112 रुपये | 7.46 लाख रुपये |
नोट: (होम लोन की अवधि जस की तस रखने पर)
20 वर्ष वाले होम लोन की अगर लोन अवधि घटाते हैं तो आपकी होगी ज्यादा बचत| लोन | अवधि में कमी | ब्याज में बचत |
|---|---|---|
| 30 लाख | 2.96 साल | 9.26 लाख रुपये |
| 50 लाख | 2.96 साल | 15.43 लाख रुपये |
नोट: (होम लोन की किस्त जस की तस रखने पर)
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