ऑफिस में काम करने वालों (व्हाइट कॉलर) की भर्तियां जून, 2025 में सालाना आधार पर 20 फीसदी बढ़ी हैं। इसमें मुख्य रूप से टियर-2 श्रेणी के शहरों (छोटे शहर) का योगदान रहा है और वे देश की रोजगार वृद्धि को गति देने वाले प्रमुख इंजन के रूप में उभर रहे हैं।
26 फीसदी वृद्धि के साथ कोयंबटूर सबसे आगे
फाउंडइट इनसाइट्स ट्रैकर के मुताबिक, भर्तियों में 26 फीसदी वृद्धि के साथ कोयंबटूर सबसे आगे रहा। इसके बाद नागपुर और नासिक में 24 फीसदी की वृद्धि हुई। इसमें आईटी, बीएफएसआई (बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा), विनिर्माण और एफएमसीजी क्षेत्रों का योगदान है।
ये भी पढ़ें- निजी बैंकों की चालाकी: RBI ने फरवरी से अब तक रेपो दर में की है एक फीसदी की कटौती, फिर भी ग्राहक फायदे से वंचित
हाल के वर्षों में सबसे मजबूत वृद्धि
फाउंडइंट के मुख्य राजस्व एवं वृद्धि अधिकारी प्रणय काले ने कहा, यह हाल के वर्षों में सबसे मजबूत वृद्धि है, जो भारत के रोजगार परिदृश्य में टियर-2 शहरों के बढ़ते महत्व को बताती है। अब नौकरी चाहने वालों के पास अपने घर के पास ही विभिन्न अवसर उपलब्ध हैं।
ये भी पढ़ें- Microsoft Layoffs: माइक्रोसॉफ्ट ने 9000 कर्मचारियों को नौकरी से निकालने का किया एलान, बड़े अफसर भी छुट्टी पर
दिल्ली-एनसीआर जैसे महानगरों में धीमी बढ़ोतरी
रिपोर्ट के मुताबिक, टियर-2 शहरों में भर्तियां सालाना आधार पर 28 फीसदी बढ़ी हैं। इसके उलट, दिल्ली-एनसीआर (5 फीसदी), चेन्नई (18 फीसदी) और बंगलूरू (16 फीसदी) जैसे प्रमुख महानगरों में तुलनात्मक रूप से धीमी वृद्धि देखी गई। टियर-2 शहरों में आईटी भर्तियों में 53 फीसदी की असाधारण वृद्धि रही जो राष्ट्रीय औसत 30 फीसदी से अधिक है।