सभी 12 सरकारी बैंकों का मुनाफा 2022-23 में बढ़कर 1,05,298 करोड़ रुपये के अब तक के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। इसमें करीब आधी हिस्सेदारी अकेले एसबीआई की है, जो बैंक के मुनाफे के लिहाज से रिकॉर्ड है। वहीं, मार्च अवधि तिमाही में सभी 12 सरकारी बैंकों ने 34,643 करोड़ का मुनाफा कमाया है। खास बात है कि 12 सरकारी बैंकों में से कोई भी घाटे में नहीं है। इन बैंकों के बुरे फंसे कर्जों (एनपीए) में भी गिरावट आई है।
वित्त वर्ष मुनाफा (करोड़ में)
सात बैंकों का कारोबार 10 लाख करोड़ के पार
12 में सात सरकारी बैंकों का कारोबार 10 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। एसबीआई 77 लाख करोड़ के साथ सबसे आगे है। बैंक ऑफ बड़ौदा 21.73 लाख करोड़ के साथ दूसरे, पीएनबी (21 लाख करोड़) तीसरे, केनरा बैंक (20.41 लाख करोड़) चौथे, यूनियन बैंक (19.27 लाख करोड़) पांचवें, बैंक ऑफ इंडिया छठे और इंडियन बैंक सातवें स्थान पर है।
ऐसी रही सरकारी बैंकों की कमाई
बैंक मार्च तिमाही 2022-23
एसबीआई 16,695 50,232
बैंक ऑफ बड़ौदा 4,775 14,109
केनरा बैंक 3,336 11,254
यूनियन बैंक 2,782 8,433
बैंक ऑफ इंडिया 1,350 4,023
बैंक ऑफ महाराष्ट्र 840 2,602
पीएनबी 1,159 2,507
सेंट्रल बैंक 571 1,582
पंजाब एंड सिंध बैंक 457 1,313
इंडियन बैंक 1,447 5,282
इंडियन ओवरसीज 650 2,099
यूको बैंक 581 1,862
(मुनाफा : करोड़ रुपये में)
पीएनबी को 5 गुना से ज्यादा मुनाफा दे सकता है 32.5 फीसदी लाभांश
बुरे फंसे कर्ज में गिरावट और ब्याज आय में वृद्धि से पीएनबी का मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 5 गुना से ज्यादा बढ़कर 1,159 करोड़ रुपये पहुंच गया। ब्याज से कमाई भी बढ़कर 23,849 करोड़ पहुंच गई। इस दौरान एनपीए 4.8% से घटकर 2.72% रह गया। हालांकि, 2022-23 में बैंक का लाभ 27 फीसदी घटा है।