शराब की बिक्री भी घटी
बिस्किट, अंडरगार्मेंट्स के बाद शराब की बिक्री में असर देखने को मिल रहा है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में शराब, बीयर और वाइन की बिक्री एक-तिहाई रह गई है। शराब के अलावा सिगरेट की बिक्री में भी कमी देखने को मिली है। इनकी खपत में हालांकि जीएसटी लागू होने के बाद भी असर देखने को नहीं मिला था, लेकिन अब मंदी का असर यहां पर भी देखने को मिल रहा है।
ऑटो सेक्टर का बुरा हाल
मंदी की सबसे पहले शुरुआत ऑटो सेक्टर में देखने को मिली थी। कार, ट्रैक्टर तो छोड़िए लोग अब स्कूटर और बाइक जैसे दोपहिया वाहन भी नहीं खरीद रहे हैं। कई बड़ी कंपनियों ने अपने यहां पर उत्पादन को ठप कर दिया है।
कंपनियों में बंद हुआ उत्पादन
गाड़ियों और उनके पार्ट्स पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। इससे गाड़ियों का उत्पादन मूल्य काफी बढ़ जाता है। पिछले छह महीनों से देश में वाहनों की बिक्री में लगातार गिरावट आ रही है। देश भर में कई सारे शोरूम भी बंद हो गए हैं। ऐसे में कंपनियों के पास पहले का स्टॉक भी उठ नहीं पा रहा है। फिलहाल देश भर में कई कंपनियों ने अपनी फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप कर दिया है, और कर्मचारियों को भी छुट्टी पर भेज दिया है।
फिलहाल 70 फीसदी से ज्यादा पार्ट्स पर 18 फीसदी जीएसटी लगता है, लेकिन 30 फीसदी पार्ट्स पर 28 फीसदी जीएसटी है। इस पर एक से लेकर 15 फीसदी सेस भी लगता है, जो गाड़ियों के साइज, इंजन के आधार पर होता है।
इन कारणों से छाई मंदी
ऑटो सेक्टर में मंदी छाने के बड़े कारण है। मांग में कमजोरी, BS IV से BS VI में गाड़ियों को बदलने के लिए निवेश, इलेक्ट्रिक वाहन शुरू करने के लिए ठोस पॉलिसी का न होना, जिसके कारण कंपनियों ने अपने सभी निवेश पर रोक लगा दी है।