लिफ फिनटेक के एमडी एवं सीईओ मिलिंद गोवर्धन का कहना है कि मेट्रो शहरों के लिए यह लिमिट 1.5 करोड़ और गैर-मेट्रो शहरों के लिए 75 लाख रुपये रखी जानी चाहिए। इससे क्षेत्र को राहत मिलने के साथ लोगों का मकान का सपना पूरा होगा।
जीडीपी और रोजगार बढ़ाने में अहम भूमिका निभाने वाले क्षेत्र की चमक फिर से लौटाने के लिए मकान खरीदने पर होम लोन के ब्याज पर छूट की सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये किया जा सकता है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
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खरीदारों को सीधा लाभ पहुंचाने के लिए सरकार किफायती आवासीय श्रेणी के लिए 45 लाख की लिमिट बढ़ सकती है। लिफ फिनटेक के एमडी एवं सीईओ मिलिंद गोवर्धन का कहना है कि मेट्रो शहरों के लिए यह लिमिट 1.5 करोड़ और गैर-मेट्रो शहरों के लिए 75 लाख रुपये रखी जानी चाहिए। इससे क्षेत्र को राहत मिलने के साथ लोगों का मकान का सपना पूरा होगा।
वाणिज्यिक संपत्तियों पर घट सकती है जीएसटी
भारत को 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले ऑफिस की बड़े पैमाने पर जरूरत होगी। इसे देखते हुए सरकार वाणिज्यिक संपत्तियों पर जीएसटी घटा सकती है। टीडीसी में कटौती संभव है सिंगल विंडो क्लियरेंस को भी मंजूरी मिल सकती है।