सोमवार को शेयर बाजार जैसे ही खुला आरबीएल बैंक के शेयरों में भारी गिरावट शुरू हो गई। इसका शेयर 20 फीसदी तक टूटकर 52 हफ्ते के न्यूनत्तम स्तर पर पहुंच गया। रिपोर्ट के मुताबिक, आरबीएल का शेयर 130.20 रुपये तक लुढ़क गया।
सीईओ की छुट्टी के बाद अटकलें तेज
गौरतलब है कि 25 दिसंबर को आरबीएल बैंक के बोर्ड ने विश्वाविर आहूजा के सीईओ पद से इस्तीफे को स्वीकार करने के बाद उन्हें छुट्टी पर जाने की अनुमति दे दी। इसके बाद राजीव आहूजा को नए अंतरिम सीईओ और एमडी के पद पर नियुक्त कर दिया। इसके बाद से ही बैंक के वित्तीय सेहत को लेकर बाजार में अटकलें तेज हो गईं। इयस बीच भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने चीफ जनरल मैनेजर के पद पर तैनात रहे योगेश दयाल को 24 दिसंबर 2021 से लेकर 23 दिसंबर 2023 तक के लिए अतिरिक्त निदेशक नियुक्त कर दिया।
बैंक के एनपीए में भारी इजाफा
रिपोर्ट के मुताबिक, कोरोना काल में आरबीएल बैंक के रिटेल लोन सेंगमेंट और माइक्रो फाइनैंस लेंडिंग समेत क्रेडिट कार्ड सेगमेंट में एनपीए बढ़ा है। इससे बैंक के बैंलेंसशीट को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस सब दिक्कतों के चलते निवेशक डरे हुए हैं और यही कारण है कि आरबीएल का शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर तक आ गया।
आरबीएल की वित्तीय स्थिति संतोषजनक
इस बीच सोमवार को आरबीआई ने कहा कि आरबीएल बैंक अच्छी तरह से पूंजीकृत है और इसकी वित्तीय स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। केंद्रीय बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बैंक की वित्तीय स्थिति को लेकर हालिया जारी रिपोर्टों पर जमाकर्ताओं और अन्य हितधारकों की प्रतिक्रिया की कोई आवश्यकता नहीं है। बैंक की वित्तीय स्थिति स्थिर बनी हुई है।