बढ़ती ब्याज दरें और उच्च महंगाई दर से असुरक्षित कर्ज पर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बैंकों को आगाह किया है। इसने कहा है कि आने वाले समय में इस तरह के कर्ज पर डिफॉल्ट का खतरा बढ़ सकता है। पिछले माह बैंकों के साथ बैठक में केंद्रीय बैंक ने यह निर्देश दिया था।
सरकारी बैंकों में ज्यादा धोखाधड़ी
एक निजी बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, असुरक्षित कर्ज देने में जोखिम आरबीआई के रडार पर रहा है। आरबीआई निजी तौर पर बैंकों को इस तरह के जोखिमों के प्रति आगाह करता रहा है। उन्हें अंडरराइटिंग प्रैक्टिस को कड़ा करने के लिए कहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर, 2022 तक सभी उत्पाद श्रेणियों में कुल कंज्यूमर क्रेडिट में धोखाधड़ी का स्तर सरकारी बैंकों के लिए 4.3 फीसदी और निजी बैंकों के लिए 1.5 फीसदी था। एक साल पहले यह क्रमशः 4.8 फीसदी और 2.4 फीसदी पर था। आक्रामक उधार देने से ज्यादा डिफॉल्ट हो सकता है। अगर चेक और बैलेंस बनाए नहीं रखा जाता है तो संपत्ति की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है।