जना स्मॉल फाइनेंस बैंक को यूनिवर्सल बैंक का दर्जा पाने की कोशिश में झटका लगा है। बैंक ने मंगलवार को बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने उसकी यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस के लिए दी गई आवेदन वापस कर दी है।
किसी बैंक को यूनिवर्सल बैंक का दर्जा मिलने का मतलब है कि वह अब एक ही छत के नीचे वाणिज्यिक और निवेश बैंकिंग सहित कई तरह की वित्तीय सेवाएं प्रदान करने के लिए अधिकृत है। इसका मतलब है कि यह ग्राहकों को जमा, ऋण, निवेश बैंकिंग, संपत्ति प्रबंधन और अन्य वित्तीय समाधानों सहित सभी वित्तीय जरूरतों के लिए एक ही स्थान पर समाधान प्रदान कर सकता है।
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आरबीआई ने आवेदन वापस करने का कारण स्पष्ट नहीं किया
लघु वित्त बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ अजय कंवल के अनुसार, जून में दायर आवेदन को सोमवार देर शाम लौटाया गया है। हालांकि, आरबीआई ने आवेदन वापस करने के पीछे की सटीक वजहें साझा नहीं की हैं।
यह वापसी है, अस्वीकृति नहीं- कंवल
कंवल ने कहा कि हम जल्द ही समझेंगे कि जवाब के पीछे असल कारण क्या है और नियामक की उम्मीदों के मुताबिक सुधार करेंगे। हमें यह बात ध्यान रखना होगी कि यह वापसी है, अस्वीकृति नहीं।
कंवल ने कहा कि वह इस सप्ताह के अंत में आरबीआई के शीर्ष अधिकारियों के साथ यूनिवर्सल बैंक आवेदन को वापस करने के सटीक कारणों पर चर्चा करेंगे, और बैंक द्वारा दोबारा आवेदन करने से पहले उन्हें ठीक कर लेंगे। हालांकि, उन्होंने नए आवेदन के लिए कोई समयसीमा नहीं बताई।
बैंक के संचलान पर इसका बड़ा असर नहीं पडे़गा
उन्होंने आगे कहा है कि बैंक के वर्तमान संचालन पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। उनके मुताबिक एसेट साइड पर देखा जाए तो जाना एसएफबी को वैसे भी लगभग वही सभी गतिविधियां करने की अनुमति है, जो यूनिवर्सल बैंक करते हैं। कंवल ने स्वीकार किया कि को-लेंडिंग की सुविधा नहीं होना एक सीमितता है, पर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसे बैंक अपने बिजनेस मॉडल पर किसी बड़ी बाधा के रूप में नहीं देखता।
फंडिंग कॉस्ट कम करने की योजना टली
कंवल के अनुसार, अगर यूनिवर्सल बैंक लाइसेंस मिल जाता, तो बैंक को लायबिलिटी साइड पर फायदा मिलता और फंड की लागत घटती। लेकिन अब इन योजनाओं को फिलहाल टालना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में बैंक की पैरेंट कंपनी स्ट्रक्चर में हुए बदलाव का यूनिवर्सल बैंक बनने की आकांक्षा से कोई संबंध नहीं था।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को मिली थी हरी झंडी
बता दें कि इस साल की शुरुआत में आरबीआई ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक को परिभाषित समयावधि के भीतर यूनिवर्सल बैंक बनने के लिए इन-प्रिंसिपल मंजूरी दी थी। जाना एसएफबी की अर्जी ने भी निवेशकों की उम्मीदें बढ़ाई थीं, जिससे इसके शेयर में तेजी देखी गई थी।
जना स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयरों में आई गिरावट
आरबीआई की ओर से अर्जी वापस किए जाने के बाद बैंक के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। मंगलवार सुबह करीब 09:57 बजे बीएसई पर जाना एसएफबी का शेयर 2.79% गिरकर ₹443.95 पर कारोबार कर रहा था।