आवासीय व वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र पर बैंकों का कुल कर्ज जुलाई में सालाना आधार पर 38 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 28 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। कर्ज, मकानों की कुल बिक्री और प्रमुख शहरों में नई परियोजनाओं के आंकड़ों से स्पष्ट है कि रियल एस्टेट क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है।
आरबीआई के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, रियल एस्टेट उद्योग पर कुल बैंक कर्ज में आवासीय क्षेत्र (प्राथमिकता श्रेणी सहित) की हिस्सेदारी 24.28 लाख करोड़ रुपये है। यह आंकड़ा जुलाई, 2022 की तुलना में 37.4 फीसदी अधिक है। वहीं, वाणिज्यिक रियल एस्टेट क्षेत्र में बकाया कर्ज सालाना आधार पर 38.1 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 4.07 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
वाणिज्यिक कार्यालयों की मांग अधिक
केंद्रीय बैंक के ताजा आंकड़ों पर एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, वाणिज्यिक कार्यालय श्रेणी पिछले साल महामारी के दबाव से जूझ रहा था क्योंकि कंपनियां पूर्ण रूप से कार्यालय से काम, घर से काम या हाइब्रिड मॉडल के आसपास रणनीतियों पर विचार कर रहे थीं। स्थिति सामान्य होने के साथ कर्मचारी ऑफिस लौट आए और इस वर्ष अच्छी गुणवत्ता वाले वाणिज्यिक कार्यालयों की मांग अधिक है।
इस साल नई ऊंचाई पर पहुंचेगी बिक्री
पुरी ने बताया, इस साल मकानों की बिक्री नई ऊंचाई पर पहुंच जाएगी। 2022 में देश के सात प्रमुख शहरों में मकानों की बिक्री 2021 से 54 फीसदी अधिक रही थी। पिछले साल के मुकाबले जनवरी-जून, 2023 में 63 फीसदी अधिक मकान बिक चुके हैं।
बिक्री लक्ष्य पाने को दिए प्रोत्साहन पर कर सकेंगे आईटीसी का दावा
कंपनियां पहले से तय बिक्री लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रोत्साहन योजना के तहत अगर डीलरों के जरिये सोने के सिक्के व व्हाइट गुड्स का वितरण करती हैं तो उन पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का दावा वैध है। ओरिएंट सीमेंट लि. के पूछने पर जीएसटी अग्रिम निर्णय प्राधिकरण (एएआर) की कर्नाटक पीठ ने आदेश में कहा, प्रोत्साहन योजना के तहत डीलर को व्हाइट गुड्स या सोने के सिक्के खरीदने के लिए किए भुगतान पर आईटीसी का लाभ उठा सकते हैं।
एएआर की पीठ ने आदेश में कहा कि उपहार वह चीज है, जिसे बिना किसी शर्त के दिया जाता है। ऐसे में इसे उपहार के दायरे में नहीं रखा जा सकता है।