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RBI MPC Meeting: ब्याज दरों में वृद्धि की अटकलों के बीच आरबीआई की बैठक शुरू, 0.40% तक हो सकता है इजाफा

Mon, 06 Jun 2022 04:19 PM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

RBI MPC Starts Three Days Deliberation: भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्ति कांत दास पहले ही इस बात के संकेत दे चुके हैं कि रेपो दर में एक और बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि उन्होंने इसमें कितने बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की जा सकती है इस फैसला बैठक के नतीजों में ही सामने आ पाएगा। 
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आरबीआई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक सोमवार से मुंबई में शुरू हो गई। नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी की अटकलों के बीच हो रही इस बैठक पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। ऐसी संभापनाएं जताई जा रही हैं कि इसमें रेपो दरों में 35 से 40 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी का निर्णय लिया जा सकता है। 

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यह बैठक आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हो रही है और वह बुधवार को विचार-विमर्श के बाद मौद्रिक नीति समिति के फैसले की घोषणा करेंगे। गौरतलब है कि दास पहले ही इस बात के संकेत दे चुके हैं कि रेपो दर में एक और बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि उन्होंने इसमें कितने बेसिस प्वाइंट की वृद्धि की जा सकती है इस फैसला बैठक के नतीजों में ही सामने आ पाएगा। लेकिन, ऐसी अटकलें हैं कि केंद्रीय बैंक कम से कम 35 आधार अंक (बीपीएस) से 40 आधार अंक की बढ़ोतरी कर सकता है के लिए जा सकता है। 

गौरतलब है कि महंगाई को काबू में करने के लिए बीते महीने आरबीआई ने आनन-फानन में बिना पूर्व सूचना के एमपीसी बैठक बुलाकर रेपो दरों में 40 बीपीएस बढ़ोतरी की बढ़ोतरी की थी। यहां बता दें कि देश में खुदरा महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए नीतिगत ब्याज दरों में एक बड़ी वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है। देश में खुदरा महंगाई लगातार सातवें महीने बढ़कर बीते आठ साल के उच्च स्तर को छू चुकी है और इसका आंकड़ा अप्रैल में 7.79 फीसदी पहुंच गया।
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सरकार की ओर से बताया गया कि मुद्रास्फीति मुख्य रूप से ईंधन सहित जिंसों की कीमतों में वृद्धि के कारण बढ़ रही है। लंबे समय से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध ने दुनिया भर में कमोडिटी की कीमतों को और बढ़ा दिया है। जबकि थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति 13 महीने से दहाई अंक में बनी हुई है और अप्रैल में 15.08 प्रतिशत के रिकॉर्ड उच्च स्तर को छू गई है। ऐसे में इस महंगाई को काबू में करने के लिए रिजर्व बैंक ब्याज दरों में बदलाव से संबंधित और भी फैसले ले सकता है।
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