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RBI MPC Meeting: लगातार 11वीं बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, रिजर्व बैंक ने जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया

Fri, 08 Apr 2022 10:25 AM IST
दीपक चतुर्वेदी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नए वित्त वर्ष 2022-23 की पहली बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। गवर्नर शक्तिकांत दास ने बताया कि बैठक में लगातार 11वीं बार रेपो दरों को यथावत रखने का फैसला लिया गया है। यानी ये चार फीसदी पर बरकरार रहेगी। 
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आरबीआई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नए वित्त वर्ष 2022-23 की पहली बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी अभी भी रेपो रेट चार फीसदी ही रहेगा। इसके साथ ही रिवर्स रेपो रेट को 3.35 फीसदी रखा गया है। गौरतलब है कि ये लगातार 11वीं बार है, जबकि आरबीआई ने रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। गौरतलब है कि आरबीआई ने आखिरी बार 22 मई 2020 को नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव किया था। 

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आरबीआई गवर्नर ने बताए नतीजे
तीन दिवसीय आरबीआई मॉनिटरी पॉलिसी बैठक के नतीजों की घोषणा आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास द्वारा की गई। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों की सहमति से इस बार भी रेपो दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने ये भी कहा कि सप्लाई चेन को लेकर ग्लोबल मार्केट दबाव में है। केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2022-23 के लिए अपने जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि ग्रोथ के अनुमान को घटाकर 7.2 फीसदी किया जा रहा है। पहले यह अनुमान 7.8 फीसदी जताया गया था।
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दास बोले- हमारे सामने दोहरी चुनौती
आरबीआई के अनुसार, वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ग्रोथ अनुमान 16.2 फीसदी, दूसरी तिमाही में 6.2 फीसदी और तीसरी तिमाही में 4.1 फीसदी, जबकि चौथी तिमाही में चार फीसदी रखा गया है। इसके साथ ही कच्चे तेल का अनुमान 100 डॉलर प्रति बैरल रखा गया है। आरबीआई गवर्नर ने कहा कि रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी बड़ी चिंता का विषय है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस वित्त वर्ष में महंगाई का औसत अनुमान 5.7 फीसदी जताते हुए कहा कि देश में महंगाई बढ़ रही है और ग्रोथ रेट कम हो रहा है। ऐसे में हमारे सामने दोहरी चुनौती है।

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