स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की रिसर्च रिपोर्ट में संभावना जताई गई है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी (एमपीसी) की बैठक के दौरान रिवर्स रेपो रेट को लेकर बढ़ा फैसला ले सकता है। इसमें कहा गया कि इसमें 20 बेसिस प्वाइंट्स की बढ़ोतरी का अनुमान है।
रिवर्स रेपो रेट बढ़ाने का सही समय
एसबीआई की इकोरैप रिपोर्ट में इकोनोमिक एडवाइजर डॉक्टर सौम्य कांत घोष ने कहा कि रिवर्स रेपो रेट को बढ़ाने का यह सही समय है, क्योंकि वर्तमान में रेपो रेट 4 फीसदी और रिवर्स रेपो रेट 3.35 फीसदी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दूसरी छमाही में बैंकों के लोन बांटने की रफ्तार तेज हुई है, हालांकि बैंकों में जमा यानी डिपॉजिट की रफ्तार नहीं बढ़ी है। क्रेडिट ग्रोथ का अनुपात अभी 140 है जो यह संकेत देता है कि रिजर्व बैंक को हर हाल में डिपॉजिट रेट्स बढ़ाने होंगे।
8 फरवरी से एमपीसी की बैठक
गौरतलब है कि रिजर्व बैंक मॉनिटरी पॉलिसी की बैठक सोमवार को होने वाली थी, लेकिन स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन के चलते 7 फरवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने के कारण यह बैठक 8 फरवरी से शुरू होगी। बैठक के परिणाम 10 फरवरी को सामने आएंगे। रिपोर्ट में घोष ने कहा कि रिवर्स रेपो रेट में बढ़ोतरी मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी की बैठक से इतर लिया जा सकता है। बता दें कि आरबीआई एक्ट में लिखा है कि रिवर्स रेपो रेट लिक्विडिटी मैनेजमेंट टूल है, रिजर्व बैंक सुविधा अनुसार इसपर फैसला ले सकता है।