कोरोना के कारण ना केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। इस महामारी के कारण हर वर्ग के लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इस बीच, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को कोरोना महामारी की वजह से मारे गए अपने कर्मचारियों और उनके आश्रितों के हित में उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी। आरबीआई ने बताया कि कोरोना और उसकी जटिलताओं के कारण केंद्रीय बैंक के 46 कर्मचारियों की मौत हुई थी।
आरबीआई ने यह भी बताया कि उसने कोविड या पोस्ट-कोविड जटिलताओं के कारण मरने वाले कर्मचारियों के आश्रितों के लिए एक विशेष अनुग्रह पैकेज की एक विशेष योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 31 दिसंबर, 2022 तक कोरोना के कारण 46 मृत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुग्रह राशि का भुगतान किया गया था। साथ ही 32 मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को अनुग्रह पैकेज के अलावा अनुकंपा नियुक्ति भी दी गई।
बैंक ने बताया कि वह महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए, लोगों के जीवन और आजीविका की रक्षा के साथ-साथ अर्थव्यवस्था और वित्तीय क्षेत्र को बचाने के लिए एक क्रॉस-फंक्शनल प्रतिक्रिया देने में लगा हुआ है। साथ ही आरबीआई ने महामारी से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए मौद्रिक नीति, तरलता प्रबंधन और विनियमन से संबंधित उपायों सहित कई उपाय किए।
आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि व्यापार निरंतरता प्रबंधन (बीसीएम) का अब तक मतलब प्राकृतिक आपदाओं, भू-राजनीतिक गड़बड़ी, साइबर हमलों और अन्य व्यवधानों जैसी घटनाओं से संगठनों की रक्षा करना है। ये घटनाएं-हमले किसी संगठन के सुचारू कामकाज को बाधित करने की क्षमता रखते हैं।