भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने निर्देशों की अवहेलना करने के मामले में पीसी फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय बैंक ने इसका पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द कर दिया है। अब ये किसी प्रकार का लेन-देन नहीं कर पाएगी।
लेन-देन पर लगाई गई रोक
इस संबंध में जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक, "भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 45-आईए (6) (iv) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए ये कार्रवाई की है। आरबीआई ने मेसर्स पीसी फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र (सीओआर) को रद्द कर दिया है। आरबीआई की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इसके बाद से एनबीएफआई के रूप में यह लेन-देन नहीं करेगी। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कहा गया कि यह कंपनी मनमाने तरीके से अपने कर्जदारों से ऊंची ब्याज दर और अन्य शुल्क वसूलने में लिप्त पाई गई।
नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई हुई
रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई के पीछे केंद्रीय बैंक और सीबीआई के लोगो का अनाधिकृत उपयोग और ऊंची ब्याज दरें वसूलने के साथ ही कई नियमों का उल्लंघन करना वजह बताई गई हैं। बता दें कि पीसी फाइनेंशियल सर्विसेज मुख्य रूप से 'कैशबीन' नामक एप के जरिए मोबाइल एप आधारित लेंडिंग ऑपरेशन से जुड़ी हुई थी। केंद्रीय बैंक ने कहा कि आउटसोर्सिंग और केवाईसी पर आरबीआई के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन पर कंपनी का सीओआर रद्द किया गया है।