लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए आज भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बड़े एलान किए। कोरोना वायरस के चलते देश में तीन मई 2020 तक लॉकडाउन है। ऐसे में आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ रहा है। दास ने कहा कि कोविड-19 महामारी के चलते रिजर्व बैंक आर्थिक हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और वह उससे निपटने के लिए सभी उपायों का इस्तेमाल करेगा।
5. मार्च में 34.6 फीसदी घटा निर्यात
गवर्नर ने कहा कि आरबीआई कोरोना वायरस के प्रकोप से पैदा होने वाले हालात पर नजर बनाए रखे हुए है। उन्होंने बताया कि मार्च में निर्यात 34.6 फीसदी घट गया, जो 2008-09 के वैश्विक वित्तीय संकट की तुलना में कहीं बड़ी गिरावट को दर्शाता है।
6. G-20 देशों में भारत की स्थिति बेहतर
दास ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार, देश की आर्थिक वृद्धि दर 1.9 फीसदी रहने का अनुमान है। G-20 देशों में भारत की स्थिति बेहतर रहेगी। वैश्विक अर्थव्यवस्था में नौ खरब डॉलर का नुकसान हो सकता है, जो जापान और जर्मनी की जीडीपी के बराबर हो सकता है।
7. एनपीए नियमों में बैंकों को 90 दिन की राहत
आरबीआई ने एनपीए नियमों में बैंकों को 90 दिन की राहत दी। केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि मोरेटोरिमय की अवधि को एनपीए में नहीं गिना जाएगा। साथ ही, आरबीआई ने यह भी कहा है कि बैंक मुनाफे से अगले निर्देश तक लाभांश नहीं देंगे।
8. कारोबार सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी
देश में बैंकिंग कारोबार सामान्य बनाए रखने की कोशिश जारी है। वित्तीय संस्थानों ने विशेष तैयारी की है। देश में 91 फीसदी एटीएम काम कर रहे हैं।
इसके अलावा लॉकडाउन में मोबाइल और नेट बैंकिंग में कोई परेशानी नहीं है।
9. लगातार गिर रही है महंगाई दर
आगे उन्होंने कहा कि महंगाई दर लगातार गिर रही है। कोराना वायरस महामारी से पैदा हुई चुनौतियों के बीच महंगाई दर मौजूदा वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में केंद्रीय बैंक के चार फीसदी के लक्ष्य से भी नीचे आ सकती है।
10. देश में विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार
भारत में कोरोना की वजह से निर्यात की हालत मार्च में काफी खराब रही है। वहीं मार्च में ऑटोमोबाइल प्रोडक्शन और सेल भी गिरी है। इसके बावजूद भी देश में विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार है। फॉरेक्स रिजर्व अभी 476.5 अरब है।