देश की आर्थिक नीतियों और मौद्रिक ढांचे के बीच तालमेल को मजबूत करने की दिशा में बुधवार को संसद भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब सरकार केंद्रीय बजट 2026-27 की प्राथमिकताओं और सुधारों को लेकर निवेशकों और उद्योग जगत के साथ सक्रिय संवाद कर रही है।
संसद भवन में हुई अहम बैठक
वित्त मंत्री के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने संसद भवन में वित्त मंत्री से मुलाकात की। हालांकि बैठक के विस्तृत एजेंडे का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन संसद के सत्र के दौरान केंद्रीय बैंक के प्रमुख और वित्त मंत्री की यह बैठक आर्थिक दृष्टिकोण से काफी अहम मानी जा रही है। इसी दिन, कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा और सांसद (लोकसभा) कमलजीत सहरावत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने भी वित्त मंत्री से अलग से मुलाकात की।
बजट 2026-27 की प्राथमिकताओं पर फोकस
इससे पहले सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूएस-इंडिया स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के बोर्ड सदस्यों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में बजट 2026-27 की दिशा के बारे में बताया। वित्त मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक जुड़ाव को मजबूत करना और केंद्रीय बजट के परिणामों और मंशा को साझा करना था। वित्त मंत्री ने इस दौरान नीतिगत स्थिरता, विनिर्माण क्षेत्र के विकास और दीर्घकालिक निवेश को आकर्षित करने पर विशेष जोर दिया।
उद्योग जगत को वित्त मंत्री ने क्या आश्वासन दिया है?
वित्त मंत्री ने उद्योग जगत को आश्वस्त किया है कि सरकार का व्यापक उद्देश्य एक ऐसा पूर्वानुमानित और स्थिर नीतिगत वातावरण तैयार करना है, जो व्यवसायों को लंबी अवधि के निवेश की योजना बनाने के लिए प्रोत्साहित कर सके। सीतारमण ने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बजट सरकार की 'निरंतरता, निश्चितता और पूर्वानुमान' की प्रतिबद्धता के बारे में बताता है। यह दृष्टिकोण निवेशकों को भारत की आर्थिक नीतियों पर भरोसा बनाए रखने में मदद करेगा और रणनीतिक सुधारों को तेज करेगा।