ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने शुक्रवार को रिपोर्ट जारी करते हुए कहा है कि इस वित्त वर्ष की समाप्ति से पहले भारतीय रिजर्व बैंक रेपो रेट में 0.40 फीसदी की कटौती कर सकता है। इससे लोगों को भविष्य में और सस्ती ब्याज दरों पर लोन मिल सकेगा।
सात अगस्त को की थी घोषणा
आरबीआई ने हाल ही में सात अगस्त को रेपो रेट दरों में 35 बेसिस प्वाइंट कमी की घोषणा की थी। हालांकि इसके बावजूद भी अर्थव्यवस्था में किसी प्रकार की तेजी देखने को नहीं मिली है। रिपोर्ट के मुताबिक बाजार में तेजी लाने के लिए आरबीआई मार्च 2020 तक रेपो रेट में कटौती कर सकता है।
विकास दर 6.8 फीसदी रहने का अनुमान
फिच ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि चालू वित्त वर्ष में देश की विकास दर 6.8 फीसदी रह सकती है। यह आरबीआई के अनुमान से भी कम है। आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश की विकास का अनुमान 6.9 फीसदी रखा है। फिच ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश की महंगाई का अनुमान 3.8 फीसदी बनाए रखा है। यह आरबीआई के चार फीसदी के लक्ष्य से कम है। फिच ने कहा कि महंगाई दर के कम रहने के कारण भी आरबीआई विकास तेज करने पर ध्यान दे सकता है और ब्याज दर घटा सकता है।