भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के केंद्रीय बोर्ड ने गुरुवार को सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) और निजी क्रिप्टोकरेंसी के विभिन्न पक्षों पर विचार-विमर्श किया। केंद्र सरकार क्रिप्टोकरेंसी पर विधेयक लाने का प्रस्ताव दे चुकी है। इसने क्रिप्टोकरेंसी और आधिकारिक डिजिटल मुद्रा विधेयक 2021 को संसद के वर्तमान शीतकालीन सत्र में चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया है। हालांकि, सूत्रों ने कहा है कि शीतकालीन सत्र अगले सप्ताह समाप्त हो रहा है और संभावना है कि इस विधेयक को इस सत्र में पेश न किया जा सके।
आरबीआई ने एक बयान में कहा कि केंद्रीय निदेशक बोर्ड की 592वीं बैठक लखनऊ में गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में हुई। बयान के अनुसार बोर्ड ने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी और निजी क्रिप्टोकरेंसी के विभिन्न पक्षों पर भी चर्चा की। संसद को हाल ही में बताया गया था कि आरबीआई की ओर से इसी साल अक्तूबर में केंद्र सरकार को डिजिटल मुद्रा को शामिल करने के उद्देश्य से 'बैंक नोट' की परिभाषा के दायरे को बढ़ाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 में संशोधन के लिए प्रस्ताव मिला था।
बता दें कि रिजर्व बैंक क्रिप्टोकरेंसी के खिलाफ कई बार अपनी राय व्यक्त कर चुका है और इसे देश की वित्तीय स्थिरता के लिए गंभीर मानता है। इसी कारण से वह आने वाले समय में अपने नियमन में एक डिजिटल मुद्रा सीबीडीसी लाने की तैयारी में है। केंद्रीय बोर्ड ने मौजूदा आर्थिक हालात व चुनौतियों की भी समीक्षा की। गवर्नर दास ने भी क्रिप्टोकरेंसी को अनुमति देने के खिलाफ अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि इनका नियमन केंद्रीय बैंक नहीं करते हैं, ऐसे में ये किसी भी वित्तीय व्यस्था के लिए गंभीर खतरा हैं।