भारतीय रिजर्व बैंक ने मोनिशा चक्रवर्ती को नया कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया है, जबकि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड में प्रशांत महापात्र ने कार्यकारी निदेशक का पदभार संभाला है। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों को उनके लंबे अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को मोनिशा चक्रवर्ती को कार्यकारी निदेशक नियुक्त करने की घोषणा की। वह विदेशी मुद्रा विभाग और वित्तीय बाजार विनियमन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगी। इससे पहले वह आरबीआई के पर्यवेक्षण विभाग में मुख्य महाप्रबंधक-प्रभारी के पद पर कार्यरत थीं।
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तीन दशक के करियर में किन-किन क्षेत्रों में किया काम?
आरबीआई के अनुसार, मोनिशा चक्रवर्ती एक करियर केंद्रीय बैंकर हैं और उन्हें रिज़र्व बैंक में तीन दशक से अधिक का अनुभव है। अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने पर्यवेक्षण, विदेशी मुद्रा तथा सरकार और बैंक खातों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जिम्मेदारियां निभाई हैं। मोनिशा आरबीआई की बैलेंस शीट और लाभ-हानि खाते के प्रारूप की समीक्षा के लिए गठित तकनीकी समिति से भी जुड़ी रही हैं। इसके अलावा उन्होंने बैंकिंग लोकपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। मोनिशा चक्रवर्ती ने दिल्ली विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में स्नातक तथा बिजनेस इकोनॉमिक्स में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की है।
SEBI में प्रसांत महापात्र बने नए कार्यकारी निदेशक
वहीं, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड में प्रशांत महापात्र ने सोमवार को कार्यकारी निदेशक का पदभार ग्रहण किया। उन्हें कॉरपोरेशन फाइनेंस जांच विभाग तथा रिकवरी एवं रिफंड विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यकारी निदेशक बनने से पहले प्रशांत महापात्र सेबी में मुख्य महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत थे। उन्होंने अप्रैल 1999 में सेबी जॉइन किया था और 27 वर्षों से अधिक के अपने कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां संभाली हैं।
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किन-किन विभागों में निभाई अहम जिम्मेदारियां?
महापात्र ने मार्केट रेगुलेशन विभाग, जांच विभाग, पूछताछ एवं निर्णय विभाग, मार्केट इंटरमीडियरीज़ रेगुलेशन एंड सुपरविजन विभाग, कॉरपोरेशन फाइनेंस विभाग और निवेश प्रबंधन विभाग में कार्य किया है। इसके अलावा उन्होंने कोलकाता स्थित सेबी के पूर्वी क्षेत्रीय कार्यालय में भी अपनी सेवाएं दी हैं।
नीति निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में क्या रही भूमिका?
महापात्र विभिन्न घरेलू नीति-निर्माण और सलाहकार समितियों के सदस्य भी रहे हैं। इन समितियों का कार्य साझा हितों से जुड़े विषयों पर नीतिगत सुझाव देना और अंतरराष्ट्रीय नियामक संस्थाओं के साथ सहयोग को मजबूत करना रहा है। महापात्र ने ओडिशा के उत्कल विश्वविद्यालय से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में परास्नातक की डिग्री प्राप्त की है। उनके लंबे प्रशासनिक और नियामकीय अनुभव को देखते हुए सेबी ने उन्हें यह नई जिम्मेदारी सौंपी है।