उपभोक्ताओं को साइबर अपराधों के खिलाफ जागरुक करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक बुकलेट जारी की है। आरबीआई ने इस बुकलेट का नाम राजू और चालीस चोर दिया है। इससे पहले जुलाई 2021 में आरबीआई ने अपने ग्राहक जागरुकता अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत बैंक ने वित्तीय धोखेबाजी के तौर-तरीकों और ऊनसे बचाव पर बी (ए) वेयर नाम से पुस्तिका निकाली थी। ग्राहकों को को जागरुक करने की कड़ी में आरबीआई की ओर से ये नई पुस्तिका निकाली गई है।
बी (ए) वेयर सीरीज के तरह निकली इस बुकलेट में कुल 40 कहानियां हैं। इन कहानियों में बैंकिंग फ्रॉड से जुड़ी घटनाओं के बारे में बताया गया है। इसके साथ ही इस तरह की धोखाधड़ी से बचने के सामान्य सुझाव दिए गए हैं। कहानी में हुई घटना से बचने के लिए क्या करें क्या नहीं करें इस बारे में भी बताया गया है।
राजू इन कहानियों का किरदार है। जो आसानी से बातों में आ जाता है। इस वजह से उसे अक्सर धोखा खाना पड़ता है। इन कहानियों में राजू को अलग-अलग किरदार के रूप में दर्शाया गया है। कहीं राजू किसान के तौर पर तो कहीं सीनियर सिटिजन के रूप में बैंकिग फ्रॉड का शिकार होता है। लोगों में वित्तीय साक्षरता फैलाने के लिए आरबीआई ने इस बुकलेट के प्रकाशित किया है।
बुलकेट में प्रकाशित की गई 40 कहानियों में से कई विषयों को शामिल किया गया है। बुकलेट में शामिल विषयों में कुछ निम्नलिखित हैं…
- फिशिंग लिंक के माध्यम से धोखाधड़ी
- क्रेडिट कार्ड का वार्षिक शुल्क माफ करने का फर्जी ऑफर
- एटीएम कार्ड का 'स्किमिंग फ्रॉड'
- स्क्रीन शेयरिंग ऐप के जरिए धोखाधड़ी
- सिम क्लोनिंग
- क्यूआर कोड स्कैन से धोखाधड़ी
- लॉटरी फ्रॉड
- ऑनलाइन नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी
- कोरोना की जांच की फर्जी साइट से धोखाधड़ी
- डेटा केबिल के जरिए डेटा चुराने का मामला
- फर्जी वैक्सीनेशन कॉल से धोखाधड़ी
- सार्वजनिक वाई-फाई के इस्तेमाल से धोखाधड़ी
- मैसेज ऐप से बैंकिंग फ्रॉड
- क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़ाने के नाम पर फ्रॉड
- फर्जी लोन ऑफर