बैंक ऑफ इंग्लैंड ने गुरुवार को ब्याज की आधार दर 0.75 प्रतिशत बढ़ाकर तीन प्रतिशत कर दिया है। यह पिछले तीन दशकों से अधिक समय में की गई सबसे बड़ी वृद्धि है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी पर बैंक ऑफ इंग्लैंड ने कहा है कि ब्रिटेन पहले से ही मंदी का सामना कर रहा है और इसके लंबे समय तक बने रहने की संभावना है।
केंद्रीय बैंक ने आने वाले वर्षों में उच्च मुद्रास्फीति और बेरोजगारी दर के साथ लंबे समय तक ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में संकुचन रहने की चेतावनी दी है। उसके अनुसार ब्रिटेन में रिकॉर्ड दर्ज होना शुरू होने के बाद इतिहास में पहली बार लगातार आठ तिमाहियों में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि बैंक ऑफ इंग्लैंड ने यह भी कहा है कि इसका असर वर्ष 2008-09 में और 1980 के दशक में आई मंदी से कम है।
बता दें कि ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण और हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री लिज ट्रस (Liz Truss) की तरफ से विनाशकारी आर्थिक नीतियों के बाद से बढ़ी महंगाई को काबू करने के लिए फैसला लिया हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड का प्रमुख ब्याज दर अब 0.75 फीसदी बढ़कर 3 फीसदी हो गया है।
इस दौरान बैंक ऑफ इंग्लैंड ने लगातार 8वीं बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बताता है कि इंग्लैंड में महंगाई का संकट काफी बड़ा है और केंद्रीय बैंक व सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी लोगों को महंगाई से राहत मिलती नहीं दिख रही है। ब्रिटेन के नवनियुक्त प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के लिए इससे निपटना सबसे बड़ी चुनौती है।