इंटरग्लोब एविएशन के प्रवर्तक राकेश गंगवाल और उनके पारिवारिक ट्रस्ट ने मंगलवार को एयरलाइन में 5.7 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्लॉक डील के जरिये करीब 11,385 करोड़ रुपये (1.33 अरब अमेरिकी डॉलर) में बेच दी। सूत्रों ने बताया कि गंगवाल के अलावा, चिन्करपू फैमिली ट्रस्ट, जिसके ट्रस्टी शोभा गंगवाल और डेलावेयर की जेपी मॉर्गन ट्रस्ट कंपनी हैं, ने भी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लेन-देन में भाग लिया है।
उन्होंने बताया कि निवेश बैंकिंग फर्म गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी और जेपी मॉर्गन इंडिया हिस्सेदारी बिक्री के लिए प्लेसमेंट एजेंट हैं। नवीनतम लेनदेन से पहले, गंगवाल और पारिवारिक ट्रस्ट के पास इंडिगो में कुल मिलाकर लगभग 13.5 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
पीटीआई की ओर से देखी गई टर्म शीट के अनुसार, नवीनतम ब्लॉक डील के तहत, 5,175 रुपये प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर 2.2 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे गए। शेयरों की कुल संख्या प्रारंभिक 13.2 मिलियन शेयरों (1.32 करोड़ शेयर) से बढ़ाई गई है। जिनका मूल्य लगभग 803 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 6,831 करोड़ रुपये) था। यह उल्लेख पहले टर्म शीट में किया गया था।
सोमवार को बंद भाव 5,420 रुपये प्रति शेयर की तुलना में फ्लोर प्राइस 4.5 प्रतिशत कम है। सूत्रों ने बताया कि 2.2 करोड़ शेयरों के बराबर कंपनी में करीब 5.7 प्रतिशत हिस्सेदारी है और न्यूनतम मूल्य के आधार पर पेशकश का आकार करीब 1.33 अरब डॉलर या करीब 11,385 करोड़ रुपये है।
बीएसई और एनएसई पर कई चरणों में की जाने वाली शेयर बिक्री पूरी तरह से गौण प्रकृति की है। सौदे की संरचना के भाग के रूप में, विक्रेताओं और उनके निकटतम संबंधियों पर 150 दिन की लॉक-अप अवधि लागू होगी, एक अपवाद को छोड़कर - वे किसी निश्चित मूल्य निर्धारण और लॉक-अप शर्तों के अधीन, किसी एकल निवेशक या निवेशक समूह को बातचीत के माध्यम से कम से कम 300 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के शेयर हस्तांतरित कर सकते हैं।
अगस्त 2024 में राकेश गंगवाल के पारिवारिक ट्रस्ट ने एयरलाइन में 5.24 प्रतिशत हिस्सेदारी 9,549 करोड़ रुपये में बेची थी। इससे पहले गंगवाल ने मार्च में इंडिगो के शेयर बेचे थे। शेयर बिक्री गंगवाल द्वारा फरवरी 2022 में सह-संस्थापक राहुल भाटिया के साथ कथित कॉर्पोरेट प्रशासन के मुद्दों पर तीखे विवाद के बाद अपनी शेयरधारिता को कम करने के निर्णय का हिस्सा है। फरवरी 2022 से गंगवाल और उनकी पत्नी शोभा गंगवाल इंडिगो में अपने शेयर बेच रहे हैं।
सितंबर 2022 में राकेश गंगवाल और शोभा गंगवाल ने 2.74 प्रतिशत हिस्सेदारी 2,005 करोड़ रुपये में बेची। फरवरी 2023 में शोभा गंगवाल ने कंपनी में 4 प्रतिशत हिस्सेदारी 2,944 करोड़ रुपये में बेची। बाद में अगस्त में शोभा गंगवाल ने कंपनी में करीब 2.9 प्रतिशत हिस्सेदारी 2,800 करोड़ रुपये से कुछ अधिक में बेची।