फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jerome Powell: रघुराम राजन से ऐसा क्या बोल गए फेड प्रमुख जेरोम पॉवेल जिसपर भड़के ट्रंप? बाजार में भी सुस्ती

Fri, 18 Apr 2025 11:36 AM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति - फोटो : ANI
विज्ञापन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल को बर्खास्त करने की धमकी देने गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में मिला-जुला रुख दिखा। ट्रंप ने यूरोप व चीन से व्यापार समझौते पर भी सकारात्मक रुख जाहिर किया, इसका भी बाजार की भावना पर असर पड़ा। गुरुवार की सुबह शेयर बाजारों में उस समय उतार-चढ़ाव दिखा जब ट्रम्प ने ब्याज दरों में तेजी से कटौती नहीं करने के लिए पॉवेल को "बर्खास्त" करने की बात कही। ट्रंप ने ऐसी टिप्पणी उनके और फेड अध्यक्ष के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के बीच कई बार की है। टैरिफ पर पॉवेल ने क्या टिप्पणी की है जो ट्रंप को रास नहीं, ट्रंप ने टैरिफ पर अब क्या कहा है? आइए जानते हैं सबकुछ।

यूरोपीय संघ और चीन से व्यापार समझौते पर क्या बोले ट्रंप?

हालांकि, ट्रंप की ओर से पॉवेल पर हमले को बाजार ने आगे चलकर नजरअंदाज कर दिया और दोपहर को इसमें तेजी दिखी। उधर, ट्रंप ने कहा कि यूरोपीय संघ के साथ "100%" व्यापार समझौता होगा और चीन के साथ भी एक "बहुत अच्छा सौदा" होगा। बाजार के निवेशक ट्रंप प्रशासन की ओर से टैरिफ को 90 दिन तक रोकने और इस दौरान विभिन्न देशों के प्रति होने वाले व्यापार वार्ताओं के प्रति सतर्क दिखे। 

इटली की प्रधानमंत्री से मिलकर ट्रंप का क्या रुख?

दूसरी ओर, ट्रंप ने इतालवी प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के साथ एक बैठक के दौरान संवाददाताओं से कहा, "ओह, 100% व्यापार सौदा होगा। बेशक व्यापार सौदा होगा। वे ऐसा चाहते हैँ। हम व्यापार सौदा करने जा रहे हैं। मुझे इसकी पूरी उम्मीद है। लेकिन यह एक निष्पक्ष सौदा होगा।" ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि उनके टैरिफ के कारण अमेरिकी सहयोगी देश चीन की ओर रुख कर लेंगे। ट्रंप ने कहा, "कोई भी हमसे मुकाबला नहीं कर सकता। कोई भी नहीं।" ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि आप देखेंगे कि हम चीन के साथ भी बहुत अच्छा समझौता करेंगे।"

ट्रंप की बयानबाजी के बाद बाजार पर क्या असर?

ट्रंप की टिप्पणियों के बाद डॉव में 527 अंक या 1.33% की गिरावट आई। हालांकि, व्यापक इंडेक्स एसएंडपी 500 ने अपनी बढ़त बरकरार रखी और सुबह लाल निशान पर गिरने के बाद 0.13% की बढ़त हासिल करने में सफल रहा। टेक शेयरों की बहुलता वाले नैस्डैक कंपोजिट में उतार-चढ़ाव के बाद 0.13% की गिरावट आई। इससे पहले तीनों प्रमुख सूचकांक लगातार दो दिनों से घाटे में थे। इनमें सप्ताह का अंत लाल निशान पर हुआ। गुड फ्राइडे के मौके पर शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में कारोबार बंद रहेगा। गुरुवार की सुबह भी डॉव फ्यूचर्स में भारी गिरावट आई। यह गिरावट भी ट्रम्प की ओर से सोशल मीडिया पर पॉवेल की आलोचना के बाद देखी गई।

ट्रंप ने फेड चेयर पर क्या टिप्पणी की?

बुधवार को शिकॉगो में भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन से बातचीत के दौरान अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेड के प्रमुख जेरोम पॉवेल ने टैरिफ पर नकारात्मक टिप्पणी की थी। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप नाराज दिखे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "फेड के जेरोम पॉवेल, जो हमेशा बहुत देर से और गलत काम करते हैं, ने कल एक रिपोर्ट जारी की जो पूरी तरह से गलत थी! क्या पॉवेल की बर्खास्तगी जल्दी नहीं हो सकती!"

विज्ञापन


ट्रम्प ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि अगर वे पॉवेल से कहेंगे तो वे “पद छोड़ देंगे”। इसके बाद ट्रंप ने इस सवाल को नजरअंदाज कर दिया कि क्या वे पॉवेल को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। एवरकोर आईएसआई के उपाध्यक्ष कृष्ण गुहा ने गुरुवार को एक नोट में कहा, "ऐसे समय में जब ट्रंप टैरिफ महंगाई के मोर्चे पर जोखिम पैदा कर रहा है। फेड की स्वतंत्रता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।"

पॉवेल ने शिकागो में क्या कहा, जिसपर भड़के ट्रंप?

पॉवेल ने बुधवार को शिकागो में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि ट्रंप के टैरिफ आधुनिक इतिहास में किसी भी दूसरी चीज से अलग हैं। इससे महंगाई को बढ़ावा मिलने और आर्थिक विकास में बाधा पैदा होने की आशंका है। इससे फेड का काम और अर्थव्यवस्था का दृष्टिकोण जटिल हो जाएगा। फेड प्रमुख की टिप्पणी के बाद बुधवार को शेयर बाजार में तेज बिकवाली दिखी। इसके बाद डॉव 700 अंक या 1.73% गिरकर बंद हुआ। एसएंडपी 500 में 2.24% की गिरावट आई और नैस्डैक कंपोजिट 3.07% नीचे फिसल गया। पॉवेल ने कहा है, "हम स्वयं को चुनौतीपूर्ण हालात में डाल सकते हैं, इससे हमारे भविष्य के लक्ष्य प्रभावित होंगे।"

आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने भी गुरुवार को एक भाषण में वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि अगले हफ्ते जारी होने वाली अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की नई रिपोर्ट में आर्थिक विकास के पूर्वानुमानों में उल्लेखनीय कटौती की जाएगी। जॉर्जीवा ने कहा, "वित्तीय बाज़ारों में अस्थिरता बढ़ गई है और व्यापार नीति से जुड़ी अनिश्चितता सचमुच चरम पर है।" जेफरीज में यूरोप के मुख्य अर्थशास्त्री और रणनीतिकार मोहित कुमार ने एक नोट में कहा, "हम बिग टेक से दूर रह रहे हैं क्योंकि हमारा मानना है कि इसका इस्तेमाल व्यापार वार्ता में हासिल करने के लिए किया जा सकता है।"

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें