फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Report: डिपॉजिट पर अधिक निर्भरता से सार्वजनिक बैंकों की लागत बढ़ी, पर सुधार के संकेत मजबूत

Tue, 24 Jun 2025 12:42 PM IST
रिया दुबे बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एचडीएफसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट के अनुसार सार्वजनिक बैंक अपनी वित्तपोषण जरूरतों के लिए जमा पर अधिक निर्भर रहती हैं। दूसरी ओर, निजी बैंक अपनी फंडिंग के लिए उधारी का उपयोग करते हैं। हालांकि सार्वजिनक बैंक स्थायी सुधार की दिशा में बढ़ रहे हैं। 
विज्ञापन
बैंक - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (पीएसबी) अपनी फंडिंग जरूरतों के लिए निजी बैंकों की तुलना में जमा (डिपॉजिट्स) पर अधिक निर्भर रहते हैं। वहीं, निजी क्षेत्र के बैंक अपनी वित्तपोषण जरूरतों के लिए उधारी (बॉरोइंग) का अधिक सक्रिय उपयोग करते हैं। एचडीएफसी सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार वित्तपोषण स्रोतों में इस अंतर के चलते पीएसबी को वित्तपोषण लागत में 20 से 30 आधार अंक का नुकसान हुआ है। बैलेंस शीट के लायबिलिटी पक्ष में, पीएसबी जमाराशियों पर लगभग 10 प्रतिशत अंक अधिक निर्भर है। 

विज्ञापन


ये भी पढें: Adani: 'अदाणी समूह के किसी भी व्यक्ति पर न्याय में बाधा डालने की साजिश के आरोप नहीं', AGM में बोले गौतम अदाणी
विज्ञापन

 

पीएसबी में हो रहे स्थायी सुधार 

इसमें बताया गया कि वित्त वर्ष 19 से पहले यह अंतर 50 से 70 बीपीएस था, जो पुनर्पूंजीकरण प्रयासों के बाद लागत अंतर में महत्वपूर्ण कमी का संकेत देता है। पीएसबी को संरचानत्क रूप से कमजोर माना जाता था, वे अब एक स्थायी सुधार की दिशा में बढ़ रहे हैं। बेहतर गवर्नेंस, बैलेंस शीट की सफाई, पुनर्पूंजीकरण और डिजिटल बुनियादी ढांचे में सुधार जैसे कदमों से यह बदलाव आया है। इसके अलावा आय की गुणवक्ता और स्थिरता में भी सुधार देखा गया है। वित्त वर्ष 2025 में पीएसबी लोन बाजार हिस्सेदारी में 52 आधार अंक की वृद्धि हुई। साथ ही, सेवा मानकों को बढ़ाया गया और रिटर्न रेशियो में भी मजबूती आई है। पीएसबी का रिटर्न ऑन एसेट 1 प्रतिशत के करीब पहुंचने के बावजूद निवेशक अब भी इसकी स्थिरता को लेकर सतर्क हैं। रिटर्न ऑन एसेट्स (आरओए) एक वित्तीय अनुपात है जो बताता है कि कोई कंपनी अपनी परिसंपत्तियों का उपयोग करके कितना लाभ कमाती है।

सकल और नेट स्लिपेज में आई गिरावट 

रिपोर्ट में कहा गया कि पीएसबी अब निजी बैंकों की तुलना में कम ग्रॉस और नेट स्लिपेज रिपोर्ट कर रहे हैं। हालांकि, पीएसबी राइट ऑफ में अधिक आक्रामक रहे हैं, लेकिन क्रेडिट लागत काफी हद तक निजी बैंकों के बराबर आ गया है। इसके बावजूद सार्वजनिक बैंकों को रिटर्न ऑन एसेट के मामले में 80 से 90 आधार अंक का नुकसान होता है। हालांकि, शाखाओं और कर्मचारियों के पुनर्गठन के बाद उनकी कार्यकुशलता में सुधार हुआ है। बचत खातों की संख्या प्रति शाखा के मामले में पीएसबी अब आगे हैं, लेकिन कुल जमा के लिहाज से प्रति शाखा उत्पादकता में निजी बैंक अब भी बढ़त बनाए हुए हैं।

विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें