प्रस्तावित राष्ट्रीय ई-कॉमर्स और खुदरा व्यापार नीतियों पर चर्चा चल रही है क्योंकि दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। विभिन्न देशों के साथ व्यापार वार्ता के लिए विदेश दौरे पर गए वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यह बात कही है। उन्होंने कहा है कि चूंकि ई-कॉमर्स क्षेत्र एक उभरता हुआ और तेजी से बदलता हुआ विषय है, "इसलिए हमने कुछ विचार सामने रखे हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इसे और अधिक समसामयिक बनाने के लिए हमें नीति में संशोधन करना होगा और इस पर चर्चा चल रही है।"
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खुदरा व्यापार नीति पर भी चर्चा चल रही है क्योंकि ये दोनों एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। उद्योग व आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) ने राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड से राष्ट्रीय खुदरा व्यापार नीति तैयार करने के लिए सुझाव देने को कहा है। वर्ष 2021 में खुदरा व्यापार को सुव्यवस्थित करने और खुदरा व्यापार क्षेत्र के सभी स्वरूपों के सामंजस्यपूर्ण ढंग से विकास के लिए खुदरा व्यापार नीति का मसौदा तैयार किया गया है।
इसका उद्देश्य व्यापार को आसान बनाना, किफायती ऋण तक आसान और त्वरित पहुंच सुनिश्चित करना व खुदरा व्यापार के आधुनिकीकरण और डिजिटलीकरण को सुविधाजनक बनाना है। इससे पहले, मंत्रालय ने राष्ट्रीय ई-कॉमर्स नीतियों के दो प्रारूप जारी किए हैं।
2019 के मसौदे में ई-कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र के छह व्यापक क्षेत्रों- डेटा, बुनियादी ढांचे का विकास, ई-कॉमर्स बाजार, नियामकीय मुद्दे, घरेलू डिजिटल अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करना और ई-कॉमर्स के जरिए निर्यात को बढ़ावा देने पर ध्यान देने का प्रस्ताव किया गया है।