इस सप्ताह केंद्र सरकार ने प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। सरकार ने यह फैसला देश में प्याज की उपलब्धता को बढ़ाने और घरेलू बाजार में इसकी लगातार बढ़ती कीमत को नियंत्रित करने के लिए लिया है।
निर्यात पर प्रतिबंध लगाने से प्याज के बाव 500 रुपये प्रति कुंतल तक गिर गए हैं। पहले जहां एक कुंतल प्याज 3,000 रुपये का था। वहीं देश की सबसे बड़ी प्याज की मंडी नासिक के लासलगांव में मंगलवार को प्याज 2,400 से 2,500 रुपये प्रति कुंतल पर बिका।
दिल्ली की आजादपुर मंडी में प्याज का दाम 200 रुपये प्रति कुंतल कम हुआ है। यहां प्याज 1,500 से 2,800 रुपये प्रति कुंतल पर बिका। कारोबारियों के अनुसार, आगे इसकी कीमतों में और गिरावट आएगी। यह 1,000 रुपये तक सस्ता हो सकता है।
सरकार ने लगाया निर्यात पर प्रतिबंध
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) वाणिज्य मंत्रालय का अंग है, जो आयात-निर्यात संबंधी मामलों को देखता है। डीजीएफटी की ओर से जारी एक अधिसूचना में कहा गया, 'प्याज की सभी किस्मों के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया जाता है।'
अप्रैल से जून में इतना किया गया निर्यात
बता दें कि दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश के चलते इस बार प्याज की फसल को खासा नुकसान हुआ है। इसके चलते घरेलू बाजार में प्याज की कीमतें काफी बढ़ी हैं। भारत ने अप्रैल से जून के बीच करीब 19.8 करोड़ डॉलर के प्याज का निर्यात किया है। पिछले साल 44 करोड़ डॉलर के प्याज का निर्यात किया गया था। भारत से सबसे ज्यादा प्याज का निर्यात श्रीलंका, बांग्लादेश, मलयेशिया और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को होता है।
पिछले साल भी लगाया था प्रतिबंध
इससे पहले सरकार ने सितंबर 2019 में भी प्याज के निर्यात पर रोक लगाई थी। उस समय मांग और आपूर्ति में बहुत ज्यादा अंतर आ जाने की वजह से प्याज की कीमतें आसमान छूने लगी थीं। महाराष्ट्र जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में बारिश और बाढ़ के चलते प्याज की फसल को भारी नुकसान पहुंचा था।