डाकिया और ग्रामीण डाक सेवक जल्द ही बीमा बेचते नजर आएंगे। बीमा नियामक इरडा जल्द ही इससे जुड़े दिशा-निर्देश जारी करने जा रहा है, जिसके बाद इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) के लिए उनको यह काम सौंपने का रास्ता साफ हो जाएगा।
वाहन बीमा, यात्रा बीमा, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, टर्म बीमा जैसे ज्यादा उत्पादों में कागजी कार्यवाही कम ही होती है। प्रॉस्पेक्टस में मिली जानकारी के आधार पर सिस्टम द्वारा स्वत: ही बीमा पॉलिसी जारी कर दी जाती है। इरडा ने कहा कि ऐसे उत्पादों के लिए प्रशिक्षण और परीक्षा आदि की कम ही जरूरत पड़ती है।
इरडा ने कहा, ‘इसलिए देश में बीमा कारोबार को बढ़ाने के क्रम में प्राधिकरण पीओएस से संबंधित दिशानिर्देश जारी करने की प्रक्रिया में है। इससे वित्तीय समावेशन में इजाफा होगा।’ डाकियों और डाक सेवकों के प्रशिक्षण और प्रमाणन के लिए आईपीपीबी जवाबदेह होगा। आईपीपीबी को इस काम के वास्ते डाकियों और डाक सेवकों की पहचान के लिए एक व्यवस्था भी विकसित करनी होगी।