योजना में 18 पारंपरिक कारीगरों जैसे बढ़ई, सुनार, लोहार, राजमिस्त्री, पत्थर की मूर्ति बनाने वाले, नाई और नाव बनाने वाले आदि को फायदा मिलेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार योजना के तहत कारीगरों को तीन लाख रुपये तक का लोन देगी।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार रविवार को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों को दिए जाने वाले लोन पर आठ प्रतिशत तक की ब्याज सब्सिडी देगी। वित्त मंत्री ने पीएम विश्वकर्मा योजना की लॉन्चिंग के मौके पर कहा कि सरकार ने पहले ही बजट 2023-24 में योजना के लिए 13 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
विज्ञापन
बिना सिक्योरिटी के दिया जाएगा लोन
विश्वकर्मा योजना का विवरण साझा करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि योजना के तहत कारीगरों को पांच प्रतिशत की सस्ती दर पर लोन दिया जाएगा। खास बात ये है कि यह लोन बिना किसी सिक्योरिटी के दिया जाएगा। इस योजना में 18 पारंपरिक कारीगरों जैसे बढ़ई, सुनार, लोहार, राजमिस्त्री, पत्थर की मूर्ति बनाने वाले, नाई और नाव बनाने वाले आदि को फायदा मिलेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार योजना के तहत कारीगरों को तीन लाख रुपये तक का लोन देगी।
वित्तीय मदद के अलावा ये सहायता भी देगी सरकार
उन्होंने कहा शुरुआत में एक लाख रुपये का लोन दिया जाएगा और जब लाभार्थी द्वारा इस एक लाख के लोन को 18 महीने में भुगतान कर दिया जाएगा तो फिर वह अतिरिक्त दो लाख रुपये का लोन पाने का हकदार होगा। योजना के तहत सरकार ना सिर्फ वित्तीय मदद देगी बल्कि कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक डिजिटल तकनीक और ब्रांड प्रचार में भी मदद, वैश्विक बाजारों के साथ जुड़ाव, डिजिटल भुगतान और सामाजिक सुरक्षा भी दी जाएगी।
विज्ञापन
कमजोर वर्ग के लोगों को मिलेगा योजना का फायदा
पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 500 रुपये दैनिक के वजीफे पर पांच दिनों का कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा टूलकिट प्रोत्साहन के रूप में 15 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा। इस योजना से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों को काफी फायदा होगा।