डिजिटल लेन-देन होगा आसान
भारत और सिंगापुर के बीच पेमेंट सिस्टम के आपस में जुड़ जाने से दोनों देशों में रहने वालों लोगों को फायदा होगा। वे तेजी के साथ क्रॉस बार्डर रेमिटेंस (Remittance) बेहद तेजी और सस्ती दरों पर भेज सकेंगे। सिंगापुर में रहने वाले भारतीयों को सबसे ज्यादा इसका फायदा होगा, खासतौर से माइग्रेंट वर्कर्स और छात्रों को इससे जबरदस्त लाभ होगा। माइग्रेंट वर्कर्स अब यूपीआई और पे-नाओ के जरिए तेजी के साथ सस्ती दरों पर पैसा भारत भेज सकेंगे। वहीं, सिंगापुर में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों को उनके अभिभावक यूपीआई के जरिए सिंगापुर में पैसे ट्रांसफर कर सकेंगे।
अभी तक एनआरआई यूपीआई के जरिए भुगतान करने में असमर्थ थे, क्योंकि यह सुविधा केवल भारतीय सिम कार्ड फोन पर ही उपलब्ध थी। लेकिन अब एनआरआई या फिर विदेश में रहने वाले भारतीय अपने एनआरई या एनआरओ अकाउंट को इंटरनेशनल सिम के साथ लिंक करके आसानी से यूपीआई के जरिए पेमेंट कर सकेंगे। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) दूसरे देशों में यूपीआई लेन-देन को बढ़ावा देने में जुटा है, ताकी डिजिटल पेमेंट का विस्तार किया जा सके।
जी-20 देशों के यात्रियों को यूपीआई की मिलेगी सुविधा
आरबीआई जी-20 देशों के यात्रियों को भारत में रहने के दौरान मोबाइल आधारित यूपीआई के इस्तेमाल की सुविधा देगा। इसके बारे में आरबीआई ने जानकारी दी है। आरबीआई ने बताया कि योग्य यात्रियों को मर्चेंट आउटलेट्स पर भुगतान करने के लिए यूपीआई से जुड़े प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स (पीपीआई) वॉलेट जारी किए जाएंगे। जी20 देशों के प्रतिनिधि विभिन्न बैठक स्थलों पर भी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। RBI ने भारत आने वाले सभी यात्रियों को भारत में रहने के दौरान UPI का उपयोग करके स्थानीय भुगतान करने में सक्षम बनाने के लिए यह सुविधा शुरू की है। शुरुआत में यह चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों (बेंगलुरू, मुंबई और नई दिल्ली) पर जी-20 देशों के यात्रियों के लिए उपलब्ध है।