प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हरित ऊर्जा के क्षेत्र में भारत और उसकी अग्रणी स्थिति दुनिया में अनुकूल परिवर्तन लाएगी। साल 2014 के बाद से इससे जुड़ी क्षमताओं को तेज गति से बढ़ाने के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है। प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय बजट के बाद ‘हरित विकास’ विषय पर हुए वेबिनार को संबोधित किया।
उन्होंने कहा, सरकार के बेहतर प्रयासों के कारण देश हरित विकास के लक्ष्य को समय से पहले हासिल कर रहा है। भारत इससे जुड़ी प्रौद्योगिकी में बाकी देशों से बढ़त हासिल कर सकता है। इसमें 2023-24 का आम बजट देशवासियों के लिए एक अवसर तो है ही, इसमें नागरिकों के भविष्य की सुरक्षा गारंटी भी समाहित है। यह बजट भारत में हरित नौकरियों को बढ़ाने के साथ ही वैश्विक भलाई में भी बहुत मदद करेगा।
हरित विकास के लिए भारत की रणनीति के तीन स्तंभ
पीएम मोदी ने कहा, 2014 के बाद से भारत में जितने भी बजट आए हैं, उनमें एक पैटर्न रहा है। हरित विकास और ऊर्जा परिवर्तन के लिए भारत की रणनीति के तीन मुख्य स्तंभ रहे हैं। पहला- अक्षय ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना। दूसरा- भारत की अर्थव्यवस्था में जीवाश्म ईंधन का इस्तेमाल कम करना। तीसरा- देश में गैस आधारित अर्थव्यवस्था की तरफ तेज गति से आगे बढ़ना।
अब हरित नौकरियां
पीएम ने कहा कि यह बजट भारत में हरित नौकरियों को बढ़ाने के साथ ही वैश्विक भलाई में भी बहुत मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हरित विकास की दिशा में कई निर्णय लिए गए हैं जिनमें इथेनॉल सम्मिश्रण, पीएम कुसुम योजना, सौर विनिर्माण को प्रोत्साहित करना, रूफटॉप सौर योजना, कोयला गैसीकरण, ईवी बैटरी भंडारण शामिल हैं। पीएम ने कहा, "ग्रीन ग्रोथ को लेकर इस साल के बजट में जो प्रावधान किए गए हैं, वे एक तरह से हमारी आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव का पत्थर हैं। 2014 के बाद से, भारत नवीकरणीय क्षमता वृद्धि में सबसे तेज रहा है।"
भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का शिलान्यास
पीएम मोदी ने कहा, हरित ऊर्जा में भारत की क्षमता किसी सोने की खान या तेल के कुएं से कम नहीं। उन्होंने निवेशकों को भारत में निवेश का निमंत्रण देते हुए कहा, आपको यह मौका छोड़ना नहीं चाहिए। मोदी ने अमृतकाल के पहले आम बजट में हरित विकास से जुड़े प्रावधानों को देश की भावी पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य का शिलान्यास बताया है।
वाहन स्क्रैपिंग बनेगा बड़ा बाजार, जुड़ें युवा
प्रधानमंत्री मोदी ने वाहन स्क्रैपिंग नीति को हरित आर्थिक वृद्धि की रणनीति का हिस्सा और पुरानी वस्तुओं के पुनर्चक्रण के सिद्धांत पर आधारित पहल बताया। उन्होंने कहा, वाहन स्क्रैपिंग एक बड़ा बाजार बनने जा रहा है। उन्होंने युवाओं और स्टार्टअप इकाइयों को इससे जुड़ने की सलाह दी।