फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लॉकडाउन में सफल होगी पीएम मुद्रा योजना! एनपीए में घोषित हैं 17 हजार करोड़ रुपये का लोन

Mon, 18 May 2020 08:57 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्र सरकार की ओर से वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने गत वर्ष राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी थी। उसमें यह भी बताया गया था कि पीएमएमवाई योजना में धोखाधड़ी के दो हजार से अधिक मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन
मुद्रा योजना - फोटो : Social Media (सांकेतिक)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लॉकडाउन के दौरान हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना (पीएमएमवाई) पर भरोसा जताया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, इस योजना में मुद्रा शिशु लोन के लिए सरकार 1,500 करोड़ रुपए की मदद देगी।

विज्ञापन

सरकार की तरफ से यह आर्थिक मदद एक साल तक ब्याज दर घटाकर प्रदान की जाएगी। इसका फायदा करीब तीन करोड़ लोगों को मिलेगा। दूसरी ओर, मार्च 2019 तक पीएमएमवाई के अंतर्गत जो लोन राशि स्वीकृत की गई है, उस पर करीब 17,250.73 करोड़ रुपये का लोन एनपीए घोषित किया जा चुका है।

केंद्र सरकार की ओर से वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने गत वर्ष राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी थी। उसमें यह भी बताया गया था कि पीएमएमवाई योजना में धोखाधड़ी के दो हजार से अधिक मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन

 

पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रमुख अर्थशास्त्री एसपी शर्मा का कहना है कि कोरोना के लॉकडाउन के चलते पटरी से उतरी अर्थव्यवस्था को दोबारा से आगे ले जाने के लिए पीएमएमवाई योजना कारगर साबित होगी।

इससे शहरी एवं ग्रामीण इलाकों के लोग दोबारा से कामकाज शुरू कर सकेंगे। एनपीए किसी भी योजना में हो सकता है। अगर यही सोचकर कि फलां योजना में एनपीए ज्यादा है तो किसी भी योजना को आगे बढ़ाने में दिक्कतें खड़ी हो जाएंगी।

खुद का रोजगार करने वालों के लिए पीएम मुद्रा लोन योजना काफी फायदेमंद रहेगी। लघु एवं मंझोले उद्योग शुरू करने में भी यह योजना अत्यंत लाभदायक रहेगी।


बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का प्रारंभ किया था। इसके तहत स्वरोजगार शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन आसान शर्तों पर दिया जाता है।

इस लोन की राशि व्यावसायिक बैंक, सहकारी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, एनबीएफसी और सूक्ष्म वित्त संस्थान (एमएफआई) के माध्यम से मिलती है। राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (सांख्यिकी मंत्रालय) के सर्वेक्षण-2018 की रिपोर्ट बताती है कि देश में करीब छह करोड़ लघु उद्योग हैं।

इनमें 12 करोड़ से अधिक लोग काम करते हैं। सरकार ने इस योजना की सफलता को देखते हुए इसमें निवेश की सीमा 1 ट्रिलियन तक बढ़ा दी थी।
 

पीएमएमवाई योजना के तहत तीन प्रकार से लोन दिया जाता है। पहला है शिशु लोन, जिसमें पचास हजार रुपये तक का लोन बाजार से कम ब्याज दर और सरल नियमों पर प्रदान किया जाता है। दूसरा किशोर है, इसमें स्वरोजगार शुरू करने वाले व्यक्ति को पचास हजार रुपये से पांच लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मुहैया कराती है।

तीसरी, तरुण लोन योजना है, जिसमें कोई लघु उद्योग शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसकी राशि 5 लाख से 10 लाख रुपए तक निर्धारित की गई है।
 

सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर इस योजना को सफल बनाने के लिए बड़ी कंपनियां जैसे फ्लिपकार्ट, पतंजलि, मेरु कैब, मेक माई ट्रिप, जोमाटो, ओला, अमेजन और अमूल के साथ करार किया है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने इस योजना को लेकर कहा है कि इसने भारतीय अर्थव्यवस्था को तेज करने में मदद दी है।

देश में साढ़े तीन करोड़ नौकरियां इस योजना के चलते सृजित हुई हैं। अच्छी बात यह है कि केंद्र सरकार ने इस योजना को लागू करने में देश के सामाजिक ढांचे को ध्यान में रखा है। यानी पीएमएमवाई योजना में महिलाओं, दलितों और अल्पसंख्यक वर्गों के लोगों को प्राथमिकता दी जाती है।

विज्ञापन


इस योजना ने बहुत से लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने में खासी मदद की है। लॉकडाउन के दौरान यह योजना धीमी पड़ चुकी अर्थव्यवस्था में रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी।

 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें