बैंकिंग सेवाओं का तेज विकास तकनीक की मदद से ही संभव है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तकनीकी वित्तीय क्षेत्र की प्रगति पर जोर देते हुए कहा कि अभी तक फिनटेक को लेकर की गई कोशिशों को क्रांति का रूप देने का समय आ गया है। फिनटेक क्रांति से ही देश के हर नागरिक तक वित्तीय आजादी पहुंच सकती है।
क्रिप्टोकरेंसी जैसी तकनीक पर सभी देश मिलकर नियंत्रण करें : सीतारमण
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार फिर क्रिप्टोकरेंसी के जोखिमों को लेकर आगाह किया। इन्फिनिटी फोरम में उन्होंने कहा कि इस तरह की भुगतान और लेनदेन वाली तकनीक पर दुनियाभर के देशों को मिलकर नियंत्रण करना चाहिए। क्रिप्टोकरेंसी पर सदन में कानून बनाने का उल्लेख करते हुए सीतारमण ने कहा कि हम राष्ट्रीय स्तर पर इस दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण के लिए वैश्विक प्रयास भी साथ होने चाहिए। जब आप कमाई बढ़ाने वाले विकल्पों के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहली जरूरत उनके नियंत्रण को लेकर आती है।
ब्लॉकचेन तकनीक भरोसेमंद, लेनदेन को देगी सुरक्षा : मुकेश
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ब्लॉकचेन तकनीक को भरोसेमंद बताया है। उन्होंने कहा, यह क्रिप्टोकरेंसी से अलग है और वित्तीय लेनदेन को सुरक्षा प्रदान कर सकता है। उन्होंने गवर्नर के हवाले से कहा कि ब्लॉकचेन तकनीक बिना क्रिप्टोकरेंसी के भी चलती रहेगी और इससे लेनदेन को सुरक्षा, भरोसा और ऑटोमेशन की ऐसी सहूलियम मिलेगी, जो पहले कभी नहीं थी। इस तकनीक से हमारी आपूर्ति शृंखला को बेहतर बनाया जा सकता है। इसकी मदद से जमीन, संपत्ति, सोना या अन्य संपत्तियों के मालिकाना हक वाले दस्तावेजों का डिजिटलीकरण किया जा सकता है।
भारत के युवा उद्यमियों पर भरोसा : सॉफ्टबैंक
जापान के अरबपति निवेशक और सॉफ्टबैंक के मुख्य कार्यकारी मसायोशी सन ने भारत के उज्जवल भविष्य पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा, युवा उद्यमियों का जुनून देखते बनता है। यही कारण है कि देश के सभी यूनिकॉर्न स्टार्टअप में हमारे निवेश की हिस्सेदारी 10 फीसदी है। सॉफ्टबैंक समूह पिछले 10 साल में 14 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है, जिसमें से 3 अरब डॉलर इसी साल दिए हैं। हम भारत के युवाओं से कहते हैं कि आप उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ो, हम पूरी मदद करेंगे। सॉफ्टबैंक के निवेश से देश में 10 लाख से भी ज्यादा नौकरियों का सृजन हुआ।