देश में छाई आर्थिक सुस्ती और निवेश कम होने की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने अपनी तरफ से प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके लिए वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने देश के जाने-माने 25 बड़े कारोबारियों से मुलाकात शुरू कर दी है। इनमें टाटा, बिड़ला, रिलायंस,महिंद्रा, अडानी जैसे उद्योगपति/कारोबारी शामिल हैं। यह बातचीत प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सैल के जरिए होगी। फिलहाल गोयल मारुति सुजुकी और हिंदुस्तान यूनिलीवर से बातचीत कर चुके हैं।
जिन बड़े उद्योगपतियों से केंद्र सरकार निवेश बढ़ाने और अर्थव्यवस्था में छाई सुस्ती को दूर करने के लिए बात करेंगे, उनके नाम और कंपनी इस प्रकार हैं।
| नाम | कंपनी |
| एन चंद्रशेखरन | टाटा समूह |
| मुकेश अंबानी | रिलायंस |
| अजीम प्रेमजी | विप्रो |
| गौतम अडानी | अडानी समूह |
| आनंद महिंद्रा | महिंद्रा एंड महिंद्रा |
| अनिल अग्रवाल | वेदांता |
| केएम बिड़ला | आदित्य बिड़ला समूह |
| दिलीप सांघवी | सन फॉर्मा |
| एसएन सुब्रमण्यम | एलएंडटी |
| दीपक पारेख | एचडीएफसी |
| सलिल पारेख | इंफोसिस |
| उदय कोटक | कोटक महिंद्रा |
| शिव नाडर | एचसीएल |
| सुनील मित्तल | भारती एयरटेल |
| राजीव बजाज | बजाज समूह |
जिन सेक्टर्स को लेकर के इन कारोबारियों से चर्चा होगी उनमें यह शामिल हैं---
गोयल ने कहा कि भारत निवेश आकर्षित करने के लिए तैयार है। इस मामले में हम चीन को पीछे छोड़ना चाहते हैं। पिछले महीनों हुए टैक्स सुधारों को देखते हुए निवेशक भारत का रुख करेंगे। कई कंपनियों से हमारी बात चल रही है। निवेशकों के लिए आसानी से जमीन उपलब्ध करवा सकें, इसके लिए सरकारी जमीनों की लैंड पूलिंग का विचार है। अमेरिका से व्यापार वार्ता के सवाल पर गोयल ने कहा कि ट्रेड डील और इससे जुड़े फैसले लंबे मामले हैं, ऐसे मुद्दे नहीं जो तुरंत खत्म हो जाएं। मैं भरोसा देता हूं कि पिछले कुछ महीनों में हमने काफी प्रगति की है, यह मुद्दा जल्द सुलझ जाएगा।
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि दुनिया के देशों को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में भी भारत आगे बढ़ने के लिए अच्छी तरह तैयार है। गोयल ने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था में सुस्ती की बात मानती है, लेकिन निराशा जैसी स्थिति नहीं है।