केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शेयर बाजार में पारदर्शिता और उच्चतम स्तर की अखंडता का आह्वान किया। उन्होंने कहा, म्यूचुअल फंड उत्पाद की वैधानिक चेतावनी को भी विज्ञापन की तर्ज पर सामान्य गति से बताना चाहिए। ताकि उपभोक्ताओं को ठीक से जानकारी हो सके। उन्होंने कहा, अगर जल्द ही कंपनियों ने अपने विज्ञापन में सुधार नहीं किया तो विभाग इसके लिए नियम लाकर कंपनियों पर शिकंजा कसेगा।
अमूमन टीवी और रेडियो विज्ञापन में म्यूचुअल फंड के विज्ञापन के अंत में एक लाइन तेजी के साथ पढ़ी जाती है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिम के अधीन है। गोयल ने कहा, विज्ञापन के बाद वैधानिक चेतावनी को इतनी तेजी से बताया जाता है कि कोई उसे सुनकर समझ नहीं सकता। ऐसे में जिस लिए यह प्रावधान किया गया है वह कैसे पूरा होगा।
गोयल ने देश के स्टॉक एक्सचेंज को भी इस मुद्दे में दखल देकर कंपनियों से बातचीत करने को कहा। एमएसई ने निफ्टी इंडेक्स के 25 साल और देश में डेरिवेटिव बाजार की शुरुआत के बीस साल पूरे होने पर रजत जयंती समारोह का आयोजन किया था।
उन्होंने कहा, निवेशकों को शेयर बाजार में पूंजी लगाने से पहले अच्छे से जांच परख करना जरूरी है। इसके लिए जरूरी है कि वह निवेश करने वाले उत्पादों के बारे में सभी जानकारी एकत्र करें। गोयल ने शेयर बाजार को अंतरराष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं का पालन करने और दुनिया के शीर्ष तीन एक्सचेंजों में शामिल होने का लक्ष्य लेकर चलने की सलाह दी।
उन्होंने कहा, किसी भी वित्तीय उत्पाद को भरोसे, पारदर्शिता और जवाबदेही से गुजरने लायक होना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि स्टॉक ब्रोकर, म्यूचुअल फंड और डिपॉजिट के लिए मजबूत कॉमन केवाई सिस्टम को लागू करने के लिए सिंगल वंडो पोर्टल खोला जाए।