केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत-ईयू एफटीए पर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और साल के अंत तक समझौता हो सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि भारत ने ईयू की कार्बन टैक्स और वनों की कटाई संबंधी नीतियों पर चिंता जताई। इसके अलावा डब्ल्यूटीओ विवाद समाधान प्रणाली की बहाली पर भी भारत ने जोर दिया।
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच स्वतंत्र व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर जारी बातचीत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच स्वतंत्र व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है और साल के अंत तक समझौता हो सकता है।
डब्ल्यूटीओ विवाद निवारण प्रणाली की बहाली जरूरी
गोयल ने कहा कि विश्व व्यापार संगठन (डबल्यूटीओ) की विवाद समाधान प्रणाली को जल्द बहाल करना बेहद जरूरी है ताकि वैश्विक व्यापार में न्याय हो सके। उन्होंने बताया कि 3 जून को डब्ल्यूटीओ के व्यापार मंत्रियों की मिनी बैठक में यह मुद्दा उठेगा। साथ ही, गैर-शुल्क बाधाओं और विशेष सहूलियतों पर भी चर्चा होगी। उन्होंने यह भी बताया कि डब्ल्यूटीओ की अपीलीय संस्था में नियुक्तियों को अमेरिका की वजह से 2009 से रोका गया है, जिससे पूरी प्रक्रिया बाधित हुई है।
फ्रांसीसी कंपनियों से निवेश की अपील
बता दें कि तीन दिवसीय फ्रांस दौरे पर गए गोयल ने पेरिस में टोटलएनर्जीज के सीईओ पैट्रिक पूयान्ने से मुलाकात की। साथ ही भारत में ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही, वे फ्रांस की वित्तीय संस्थाओं, पेंशन और बीमा कंपनियों, इक्विटी फंड्स और तकनीकी कंपनियों से भी मिलेंगे और उन्हें भारत के 140 करोड़ लोगों के विशाल बाजार में निवेश करने का आमंत्रण देंगे। इसको लेकर उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, अंतरिक्ष, हरित प्रौद्योगिकी, क्लीन-टेक और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा किया जा सकता है।
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पेरिस के पास बन रहे मंदिर का भी किया जिक्र
गोयल ने बताया कि पेरिस के पास बन रहा स्वामीनारायण मंदिर भारतीय संस्कृति और इतिहास का प्रतीक बनेगा। उन्होंने कहा कि भारत में बन रहा 'युग युगीन भारत' राष्ट्रीय संग्रहालय, जो नॉर्थ और साउथ ब्लॉक की जगह बनाया जा रहा है, इसमें फ्रांस के प्रसिद्ध लूव्र संग्रहालय की भागीदारी भी होगी।
भारत-ईयू व्यापार संबंधों का महत्व
गौरतलब है कि भारत और ईयू के बीच 2023-24 में 137.41 अरब डॉलर का माल व्यापार हुआ, जिसमें 75.92 अरब डॉलर का निर्यात और 61.48 अरब डॉलर का आयात शामिल है। ईयू भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। सेवाओं में भी 2023 में 51.45 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार दर्ज किया गया। भारत और ईयू के बीच एफटीए की बातचीत 2013 में रुक गई थी, जिसे 2022 में दोबारा शुरू किया गया। अब यह बातचीत 23 अलग-अलग क्षेत्रों को कवर कर रही है, जिनमें सेवाएं, वस्तुएं, निवेश, बौद्धिक संपदा अधिकार, सरकारी खरीद, पर्यावरण और महिला सशक्तिकरण जैसे विषय शामिल हैं।