वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ बीच व्यापार समझौते से नए अवसर पैदा होंगे। यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) में चार देश शामिल हैं, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड। मंत्री ने कहा यह मुक्त व्यापार समझौता, भारत और ईएफटीए क्षेत्रों में व्यवसायों में स्थिरता, पूर्वानुमान और निरंतरता लाएगा। उन्होंने कहा कि भारत जहां विशाल बाजार और कुशल पेशेवर प्रदान करता है, वहीं स्विट्जरलैंड में उन्नत विनिर्माण क्षमताएं हैं।
टीईपीए समझौता के तहत भारत को क्या लाभ होगा?
दोनों पक्षों ने 10 मार्च, 2024 को व्यापार और आर्थिक भागीदारी समझौते (टीईपीए) पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत संघ भारत में 15 सालों में 100 अरब डॉलर निवेश करने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, स्विस घड़ियों, चॉकलेट और कटे और पॉलिश किए गए हीरे जैसे कई उत्पादों को कम या शून्य शुल्क पर अनुमति दी गई है। इस समझौते के अक्टूबर से लागू होने की उम्मीद है। मंत्री ने कहा कि भारत ने समझौते की अनुसमर्थन प्रक्रिया पूरी कर ली है। उन्होंने दोनों पक्षों की कंपनियों से इस संबंध का लाभ उठाने और व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने का भी आग्रह किया।
वाणिज्य मंत्री स्विट्जरलैंड और स्वीडन की यात्रा पर
वाणिज्य मंत्री व्यापार वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड और स्वीडन की आधिकारिक यात्रा पर हैं। उनकी यात्रा 9 जून को शुरू हुई है और यह 13 जून तक चलेगी। यह यात्रा यूरोप की दो सबसे इनोवेटिव अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के जुड़ाव को बढ़ाने में मील का पत्थर है।