केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को रूस के उप प्रधानमंत्री दिमित्री पेत्रुशेव से मुलाकात की। इसमें दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापार संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत और रूस साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार, सेवाओं और औद्योगिक सहयोग के नए क्षेत्रों की खोज पर बातचीत हुई। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सहयोग से आपसी विकास के लिए बड़े अवसर खुलेंगे और भारत-रूस के रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे।
सरकारी सूत्रों के अनुसार जब पात्रुशेव भारत आए, जहां उन्होंने प्रमुख मंत्रालयों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों से मुलाकात की। गोयल के साथ उनकी बैठक में निगरानी एजेंसियों के कामकाज को मजबूत करने, मत्स्य पालन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और रूसी मांस एवं डेयरी उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलने पर ध्यान केंद्रित किया गया। रूसी उप-प्रधानमंत्री ने भारत और यूरेशियन आर्थिक संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते में तेजी लाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
रूसी उप-प्रधानमंत्री ने केंद्रीय कृषि व किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात की। बैठक में कृषि आपूर्ति की मात्रा और सीमा में संभावित वृद्धि पर चर्चा हुई। रूस ने भारत को वनस्पति तेलों, फलियों और अन्य उत्पादों के निर्यात में वृद्धि की संभावना पर प्रकाश डाला। पात्रुशेव ने बताया कि दोनों देशों के बीच कृषि व्यापार में तेजी से वृद्धि हुई है और 2024 में इसमें 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जाएगी। दोनों पक्षों में अनुसंधान संस्थानों के बीच सीधे संपर्क स्थापित करने पर चर्चा हुई।