फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tariffs: कपड़ा उद्योग को वाणिज्य मंत्री का भरोसा, भारतीय उत्पादों को भी अमेरिका में मिलेगी बिना टैरिफ एंट्री

Thu, 12 Feb 2026 07:34 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारतीय कपड़ा उद्योग को अमेरिका में बांग्लादेश की तरह शून्य टैरिफ के साथ प्रवेश मिलेगा। केंद्रीय मंत्री क्या कहा है, जानिए इस बारे में सबकुछ।
विज्ञापन
एफटीए पर चर्चा - फोटो : X (@PiyushGoyal)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय कपड़ा निर्यातकों के लिए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने एक राहत भरा एलान किया है।  उन्होंने उद्योग जगत की उन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया कि बांग्लादेश से अमेरिका की डील के कारण भरत का कपड़ा उद्योग प्रतिस्पर्धा में पिछड़ा जाएगा। गोयल ने साफ किया है कि भारत को भी अमेरिका में बांग्लादेश जैसी ही बिना किसी टैरिफ के अपने उत्पादों (कपड़ा उत्पादों) को बेचने की सुविधा मिलेगी। वाणिज्य मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब विपक्ष और उद्योग को डर सताने लगा था कि पड़ोसी देश को मिली सुविधा से भारत के निर्यात पर असर पड़ सकता है।
विज्ञापन


शून्य टैरिफ के लिए अमेरिकी कपास के इस्तेमाल की शर्त
पीयूष गोयल ने बताया कि प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत, अगर भारतीय निर्माता अमेरिका से कच्चा माल (जैसे कॉटन, कपास या मैन-मेड फाइबर) खरीदते हैं और उससे तैयार कपड़ा वापस अमेरिका निर्यात करते हैं, तो उस पर 'जीरो रेसिप्रोकल टैरिफ' लगेगा। ठीक यही सुविधा अमेरिका ने 9 फरवरी को बांग्लादेश के साथ हुए समझौते में दी है। गोयल ने कहा, "अभी हमारा फ्रेमवर्क एग्रीमेंट बन रहा है। जब अंतरिम समझौता फाइनल हो जाएगा, तो 'फाइन प्रिंट' में आपको यह साफ-साफ दिखाई देगा"।

विपक्ष के दावों पर पलटवार: 7.5 अरब डॉलर का है दांव 
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद में आरोप लगाया था कि बांग्लादेश को भारत से बेहतर डील मिली है। इस पर बोलते हुए वाणिज्य मं गोयल ने कहा कि राहुल गांधी को एमएसएमई क्षेत्र और बुनकरों से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि वे झूठ फैला रहे हैं। एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका भारत और बांग्लादेश दोनों से सालाना लगभग 7.5 अरब डॉलर (करीब 62 हजार करोड़ रुपये) का कपड़ा आयात करता है। ऐसे में समान शर्तों का होना भारत के लिए बेहद जरूरी है।
विज्ञापन


मार्च में साफ होगी पूरी तस्वीर
भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के बावजूद जानकारों का मानना है कि अंतिम टैरिफ पर स्थिति साफ होने में मार्च तक का समय लग सकता है। व्यापार समझौते का विस्तृत ब्यौरा मार्च तक सामने आने की उम्मीद है। अगस्त 2025 से ट्रंप प्रशासन ने भारतीय सामानों पर 50% का भारी-भरकम टैरिफ लगा रखा था। लेकिन, 2 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई फोन पर बातचीत के बाद इसे घटाकर 18% कर दिया गया।

500 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौता, जिसपर औपचारिक बातचीत फरवरी 2025 में शुरू हुई थी, का मकसद मौजूदा 191 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब डॉलर तक ले जाना है। सरकार का मानना है कि नॉन-टैरिफ बाधाओं को दूर करने और टैक्स घटाने से इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें