एअर इंडिया के बोइंग ड्रीमलाइनर विमानों से जुड़ी एक सप्ताह में दो घटनाओं देखते हुए भारतीय पायलट महासंघ (एफआईपी) ने शुक्रवार को नागरिक उड्डयन मंत्रालय को पत्र लिखा। संघ ने एयरलाइन के ड्रीमलाइनर विमानों के पूरे बेड़े को उड़ान से रोकने, उनकी विद्युत प्रणालियों की जांच करने और एअर इंडिया का डीजीसीए की ओर से ऑडिट कराने का आदेश देने का आग्रह किया।
एफआईपी ने बताया कि 9 अक्तूबर को वियना से दिल्ली जाने वाली एअर इंडिया की उड़ान संख्या एआई154 को बड़ी तकनीकी खराबी के कारण दुबई डायवर्ट कर दिया गया था और 4 अक्तूबर को अमृतसर से बर्मिंघम हवाई अड्डे पर उतरते समय एआई117 पर रैम एयर टर्बाइन (आरएटी) तैनात कर दिया गया था। दोनों उड़ानें बोइंग 787 विमानों से संचालित की गई थीं। इन विमानों को ड्रीमलाइनर भी कहा जाता है।
12 जून को एअर इंडिया का ड्रीमलाइनर विमान AI171, जो लंदन गैटविक जा रहा था, अहमदाबाद से उड़ान भरने के तुरंत बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें 260 लोग मारे गए। नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू को लिखे पत्र में एफआईपी के अध्यक्ष कैप्टन सी.एस. रंधावा ने कहा कि 16 जून से ही समूह यह मांग कर रहा है कि देश में सभी बोइंग 787 विमानों की विद्युत प्रणालियों की गहन जांच की जानी चाहिए।
एआई117 और एआई154 से संबंधित दो घटनाओं की गहन जांच की मांग करते हुए, समूह ने मांग की कि देश में सभी ड्रीमलाइनरों को रोक दिया जाना चाहिए, तथा उनकी विद्युत प्रणालियों और अन्य बार-बार आने वाली गड़बड़ियों की गहन जांच की जानी चाहिए।
एफआईपी ने कहा, "विमानों, विशेषकर बी-787 में एमईएल (न्यूनतम उपकरण सूची) रिलीज और बार-बार होने वाली गड़बड़ियों की जांच की जरूरत है।" एफआईपी ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) से एअर इंडिया का विशेष ऑडिट कराने की मांग की है।
एअर इंडिया के बेड़े में 33 ड्रीमलाइनर विमान हैं और इंडिगो नॉर्स अटलांटिक से पट्टे पर लिए गए इन विमानों का परिचालन करती है। पत्र के अनुसार, उड़ान संख्या AI154 के संचालन के दौरान विमान में बड़ी तकनीकी समस्या आ गई, जहां ऑटोपायलट प्रणाली अचानक विफल हो गई, जिससे कई तकनीकी खराबी उत्पन्न हो गईं।