वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति घटने से अगले साल पेट्रोल-डीजल भी महंगा हो सकता है। रूस की अगुवाई में तेल उत्पादकों देशों के संगठन (ओपेक) ने अगले साल से क्रूड आपूर्ति में चार लाख बैरल प्रतिदिन कटौती का फैसला किया है। संगठन की बृहस्पतिवार को हुई बैठक में अधिकतर देशों ने कटौती पर सहमति जताई है। इस हिसाब से भारत में पेट्रोल की कीमतें एक बार फिर से 80 रुपये के पार जा सकती हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने तेल आपूर्ति में कटौती किए जाने पर ओपेक के अगुवा सऊदी अरब से पहले भी नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि अगर रियाद चाहता है कि अमेरिका उसे सैन्य मदद देता रहे, तो तेल कीमतों पर लगाम कसना जरूरी होगा। अनुमान है कि अमेरिका एक बार फिर आपूर्ति में कटौती रोकने के लिए ओपेक पर दबाव बना सकता है।